Berkshire Hathaway के मालिक और Stock Market investor Warren Buffet दुनिया के सबसे धनी व्यक्तयों में से एक हैं। Oracle of Omaha,के नाम से जाने जाने वाले वारेन बफेट दुनिया के अब तक के सबसे सफल इन्वेस्टर्स में से एक हैं

उन्होंने स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करके अपार धन कैसे कमाया? बफेट के पास इंश्योरेंस कंपनी जिको, बैटरी बनाने वाली कंपनी ड्यूरासेल और रेस्टोरेंट चैन डेयरी क्वीन सहित दर्जनों कंपनियाँ हैं। आइए जानते हैं- वारेन बफेट की बायोग्राफी हिंदी में। Warren Buffet Biography In Hindi.                                                                                                                                                                                                        
Warren Buffet Biography in Hindi

यदि आप आप वारेन वारेन बफेट ने शेयर मार्केट से किस तरह अपार धन कमाया। इसके बारे में जानना चाहते हैं तो आपको एक बार बेस्ट ऑफ वारेन बफेट नामक बुक्स जरूर पढ़नी चाहिए। यदि आपको बुक पसंद नहीं आती है तो आप कंपनी की रिटर्न पॉलिसी का लाभ उठा सकते हैं।

Warren Buffet के बारे में 

वारेन बुफे का जन्म 1930 में अमेरिका के ओमाहा शहर में हुआ था। उनके पिताजी एक स्टॉक मार्केट फर्म में सेल्समैन का कार्य करते थे। 1929 के ग्रेट रिसेशन (मंदी ) में बफेट के पिता की जॉब चली गयी थी। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की स्टॉक ब्रोकिंग फर्म शुरू की।                                                                                         
Warren Buffett बचपन में, जब उनकी उम्र के बच्चे खेल -कूद का आनंद लेते थे। तब बफेट को बुक्स पढ़ना, नंबर के साथ खेलना, छोटे-मोटे बिज़नेस करना पसंद था। मानों जैसे वे इन्ही चीजों  के लिए बने हों। जब बफेट आठ-दस साल के थे, तब उन्होंने एक बुक पढ़ी थी। जिसमे एक हजार डॉलर कमाने के एक हजार तऱीके बताये गए थे।

उसके बाद बचपन में ही कई छोटे-मोटे बिजनेस किये थे। जैसे पिन-बॉल बिजनेस, घर-घर अख़बार डालना आदि। बफेट ने पहली बार11 वर्ष की उम्र में अपना पहला स्टॉक खरीदा था और 13 वर्ष की उम्र में पहली बार टेक्स भरा था। आप इसी से अनुमान लगा सकते हैं कि वह इतने महान इन्वेस्टर कैसे हैं? 

बफेट ने अपनी 99% संपत्ति दान करने का वादा किया है। ज़्यदातर संपत्ति बिल गेट्स फॉउंडेशन और अपने बच्चों के फॉउंडेशन के माध्यम दान करेंगे। 2010 में इन्होनें बिल गेट्स के साथ मिलकर गिविंग प्लेज लॉन्च किया था। जिसमें इन्होनें अन्य अरबपति बिजनेस टायकून्स से अपने फार्च्यून का आधा हिस्सा धर्मार्थ कार्यों के लिए दान करने के लिए कहा था।                                                                                                                                                                     

Warren Buffett का पहला बिज़नेस

जो बुक बफेट ने पढ़ी थी उसमे एक तरीका था पिन-बॉल बिजनेस का,उन्होंने देखा कि एक पिनबॉल मशीन कितने डॉलर में आती है। इससे वह उससे कितने डॉलर कमा सकते हैं? उन्हें यह business पसंद आया तथा उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक पिनबॉल मशीन खरीदी।

जिसे उन्होंने एक हेयर ड्रेसर की दुकान में रख दिया क्योंकि जो लोग वेटिंग में होते हैं। वह उस मशीन के साथ खेलकर अपना टाइम पास कर सकें। इस बिजनेस से Buffett को जो प्रॉफिट हुआ उससे उन्होंने और पिनबॉल मशीन खरीदी और उन्हें भी अन्य हेयर ड्रेसर की दुकान में रख दिया। इसके बाद उन्होंने इस बिजनेस को बेचकर बारह सौ डॉलर कमाए।                                                                                                                                                                                                                   
बफेट ने अपने बचपन में और भी काम किये जैसे डोर टू डोर कोका कोला  तथा अख़बार बेचना आदि। बफेट के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी थी परन्तु बफेट को business करने में मजा आता था  उन्होंने चौदह वर्ष की उम्र में अपने  कमाए हुए पैसों से चालीस एकड़ जमीन खरीदी थी। वारेन बुफेट पोर्टफोलियो

बफेट के पिता उन्हें फायर बॉल कहते थे क्योकि बफेट इतनी छोटी उम्र में बिजनेस करके पैसे जो कमाते  थे। कॉलेज खत्म होते-होते warren Buffett के पास नौ हजार आठ सौ डॉलर की सेविंग जमा हो चुकी थी। बफेट के फादर को उन पर बहुत विश्वास था। वो उन्हें बहुत अच्छा गाइडेंस देते थे। बफेट अपनी सफलता का काफी हद तक क्रेडिट अपने फादर को भी देते थे।                                                                                                                                                                                                                                                             
बफेट ने पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए हावर्ड यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था. लेकिन वहाँ उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद जब वे दूसरे कॉलेज के बारे में जानकारियां एकत्र कर रहे थे तब उन्हें मिस्टर बेंजामिन ग्राहम तथा प्रोफेसर डेविड डोड के बारे में पता चला जो कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे। बेंजामिन ग्राहम व्ही हैं जिन्होंने "द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर" बुक लिखी है। जिसे वारेन बफेट अपनी पसंदीदा बुक बताते हैं। 

 बफेट ने बेंजामिन ग्राहम तथा डेविड डोड लिखी बुक 'Security Analysis 'पहले ही पढ़ रखी थी जिससे वह काफी प्रभावित थे इसलिए Warren Buffett ने investing के बारे में बेंजामिन ग्राहम तथा डेविड डोड से सीखने के लिए कोलंबिया यूनिवर्सिटी में एडमीशन ले लिया। यह फैसला उनके लिए गेम चेंजर साबित हुआ।                                                                                                                                                                                                                                                                             
प्रोफेसर बेंजामिन ग्राहम ने वैल्यू इन्वेस्टिंग की थ्योरी बनायीं थी। बाद में उन्हें फादर ऑफ़ वैल्यू इन्वेस्टिंग के नाम से जाना जाने लगा। बेंजामिन ग्राहम से वेल्यू value investing की थ्योरी सीखने के बाद बफेट ने ग्राहम की पार्टनरशिप फर्म न्यूमेन के लिए फ्री में काम करने की पेशकश की परन्तु प्रोफेसर ग्राहम ने उसे ठुकरा दिया।

The intelligent investors book बुक को शेयर मार्केट की बाइबिल भी कहा जाता है। शेयर मार्केट के बारे में जानने वाले सभी लोगों को इस द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर बुक को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए। यदि आप शेयर मार्केट में नुकसान नहीं उठाना चाहते तो भी आपको बेंजामिन ग्राहम द्वारा लिखित बुक 'द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर बुक (हिंदी) को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए।

इसके दो साल बैंजामिन ग्राहम ने बफेट को अपनी फर्म में खुद से आगे बढ़कर जॉब ऑफर किया। जिसे Warren Buffett ने स्वीकार कर लिया। अगले कुछ सालों तक वहाँ पर उन्होंने सिक्योरिटी पेनलिस्ट (Security Panelist) का काम किया। प्रोफेसर ग्राहम जब 1956 में रिटायर हो गए तो उन्होंने अपनी पार्टनरशिप फर्म को बंद कर दिया। पार्टनरशिप फर्म को अब हेजफंड कहा जाता है।                                                                                                                                                                                                                                                                                       
प्रोफेसर ग्राहम की फर्म बंद होने के बाद बफेट अपने शहर Omaha वापस आ गए। वहाँ पर उन्होंने अपनी खुद की पार्टनरशिप फर्म शुरू की तथा वहाँ उन्होंने बेंजामिन ग्राहम की वैल्यू इन्वेस्टिंग थ्योरी का अनुसरण करके शेयर बाजार से बहुत धन कमाया।  फांग शेयर

अपनी फर्म खोलने के बाद बफेट जल्दी ही मिलेनियर बन गए। वैल्यू इन्वेस्टिंग का मतलब है कि शेयर को उसकी वास्तविक कीमत (book value, intrinsic value) से कम पर खरीदना। बुक वैल्यू अथवा  कम्पनी के एसेट्स, डिविडेंड, अर्निग्स तथा अर्निग्स पावर के हिसाब से होता है।                                                                                                                                                                                                                                             
प्रोफेसर ग्राहम फाइनेंशियल स्टेटमेंट का अध्ययन करके stocks की वास्तविक कीमत निकलते थे। Stock market में उतार -चढ़ाव के कारण कई बार ऐसा होता है कि जब शेयर की कीमत उसकी वास्तविक कीमत से नीचे चली जाती है। तब कम कीमत पर शेयर को खरीदा जाता है, इसी को वैल्यू इन्वेस्टिंग कहते है। इसी तरीके से शेयर बाजार में इन्वेस्ट  करके Warren Buffett ने अपार धन कमाया है और अभी भी कमा रहे हैं।           


Berkshire Hathaway

बर्कशायर हेथवे पहले एक टेक्सटाइल कम्पनी थी, बफेट ने इसके शेयर पहली बार 1962 में खरीदे थे। उस समय कम्पनी बुरे दौर से गुजर रही थी और धीरे-धीरे अपनी एक के बाद एक टेक्सटाइल मिल को बेच रही थी। साथ ही कम्पनी के शेयर buyback भी कर रही थी। शेयर बाजार से पैसे कमाने के दस सबसे अच्छे तरीके क्या हैं?

बफेट ने यह सोचकर बर्कशायर के शेयर खरीदे थे कि कम्पनी अपनी सभी टेक्सटाइल मिल्स बेचकर स्वयं को stock market से डीलिस्ट करा लेगी। तब उन्हें अपने stocks की अच्छी कीमत मिलेगी इसलिए उन्होंने काफी बड़ी मात्रा में बर्कशायर हेथवे के शेयर खरीद लिए थे। 
                                                                                                                                                 
बर्कशायर ने जब अपनी सभी टेक्सटाइल मिल्स बेचकर कम्पनी को शेयर बाजार से डीलिस्ट करना चाहा। तो उन्होंने बफेट से पूछा कि वो अपने शेयर किस कीमत पर बेचना चाहते है। तब बफेट 11.5 डॉलर पर शेयर की कीमत पर अपने शेयर बेचने को तैयार हो गए। 

बर्कशायर का मैनेजमेंट भी साढ़े ग्यारह डॉलर पर शेयर की कीमत पर उनके शेयर खरीदने को तैयार भी हो गया लेकिन जब बर्कशायर हैथवे की तरफ से ऑफर लेटर मिला तो उसमे एक शेयर की कीमत 11.5 की बजाय 11.37 डॉलर थी। बफेट को उनकी वादा - खिलाफी बिल्कुल भी पसंद नहीं आयी तथा उन्होंने अपने शेयर बेचने से साफ मना कर दिया।

उसके बाद बफेट stock market से  बर्कशायर हेथवे के और ज्यादा शेयर खरीदने लगे इस तरह कम्पनी का मेनेजमेंट उनके हाथ में आ गया तथा उन्होंने उस धोखेबाज मैनेजमेंट को कम्पनी से बाहर कर दिया। Buffett के इन्वेस्टिंग रूल्स                                                                                                                                                                                                                                                                              
Warren Buffet ने 1968 में अपना पार्टनरशिप का बिजनेस बंद कर दिया तथा बर्कशायर हेथवे के चैयरमेन बन गए। बफे ने बर्कशयर हैथवे  को एक होल्डिंग कम्पनी बना दिया, होल्डिंग कम्पनी दूसरी कंपनियों के  शेयर खरीदती है। इस तरह वह बर्कशायर हेथवे के जरिये दूसरी कम्पनियो के शेयर खरीदने लगे।            

बफे ने कोका कोला, वाशिगटन पोस्ट, गायको आदि कंपनियों में invest किया तथा उन्होंने इरिगेशन तथा लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों में भी इन्वेस्ट किया।

बफे ने AMAZON में भी इन्वेस्ट किया है तथा जब उन्होंने इसमें इन्वेस्ट किया था तब उन्होंने कहा था कि यह उनके जीवन की बहुत बड़ी गलती है कि उन्होंने Amazon में पहले इन्वेस्ट क्यों नहीं किया, जब उसके शेयर सस्ते थे। बफे के इन्वेस्टमेन्ट पर लगातार करीब सालाना तीस प्रतिशत का रिटर्न मिलता है।                                                                                                                                                     
Warren Buffett के पिता के Stock broking के ऑफिस में Stock market से सम्बंधित बहुत सारी किताबे थी उन्होंने वो सभी किताबें पढ़ डाली जिससे इन्वेस्टिंग में उनकी रूचि बढ़ने लगी।

उन्होंने अपना पहला निवेश 'सिटी सर्विस' नाम की कम्पनी में किया था। बफे ने सिटी सर्विस के शेयर अपने तथा अपनी बहन के किये अड़तीस डॉलर के भाव पर खरीदे थे। उसके बाद सिटी सर्विस के शेयर का भाव काफी नीचे गया था तथा कुछ समय बाद इसका भाव चालीस डॉलर पर आ गया। 

तब उन्होंने अपने और अपनी बहन के शेयर बेच दिए। बाद में सिटी सर्विस के शेयर ने दो सौ डॉलर के स्तर पर भी पहुंचे। इस तरह मिस्टर बफे ने निवेश में धैर्य के महत्त्व को जाना। आज बफे सालों साल तक कम्पनियों में अपने इन्वेस्टमेंट को बनाये रखते हैं। नैस्डेक                                                                                                                                                                                 
Warren Buffet ने अमेरिका के प्रसिद्ध अख़बार The Washington Post के शेयर 1973 में खरीदना शुरू किये तथा उस पर उन्होंने 9000 % से भी ज्यादा का रिटर्न कमाया। इसी  तरह उन्होंने और भी बहुत सारी कम्पनियों में हजारों प्रतिशत से भी ज्यादा का रिटर्न कमाया।  

बफे किसी कम्पनी के शेयर खरीदने को, उस कम्पनी के बिजनेस को खरीदने जैसा समझते हैं तथा वे उन्ही कम्पनियों में निवेश करते हैं जिनके बिजनेस को वह समझते हैं। बफे ने 1988 में कोका कोला के शेयर खरीदने शरू किये तथा उन्होंने उसके सात प्रतिशत शेयर खरीद लिए तथा उन्हें अभी भी होल्ड कर रखा है। आज बफे ने बर्कशायर हेथवे के जरिये करीब साठ कंपनियों में हिस्सेदारी ली हुई है। स्टॉक चार्ट                    

Warren Buffet के विचार 

निवेश से मिले प्रॉफिट तथा डिविडेंट को दूसरे बिजनेस में इन्वेस्ट कर देते हैं। वह अपने सफल निवेश वाशिंटन पोस्ट तथा कोका कोला को बचपन से जानते थे। उन्होंने बचपन में The Washington post अख़बार को डोर टू डोर बेचा था तथा कोका कोला ड्रिंक को वो बचपन से पीते आ रहे थे। अतः इनके प्रति वे इनके ग्राहकों की वफादारी को जानते हैं। यही जानकारी उनके इन बिजनेस में इन्वेस्ट करते समय काम आयी। Stock Market  invest                                                                                                                                                                                                                               
बफे ने बेंजामिन ग्राहम तथा फिलिप फिशर इन दोनों प्रोफेसर की फिलॉस्फी  को अडॉप्ट किया। वह अपने बारे में कहते हैं कि मैं 85% बेंजामिन ग्राहम तथा 15% फिलिप फिशर हूँ। प्रोफेसर ग्राहम कहते हैं कि जब stock अंडर वैल्यू होता हैं, तब उसे खरीदना चाहिए और मिस्टर फिशर की फिलॉस्फी कहती है कि क्वालिटी बिजनेस में इन्वेस्ट करना चाहिए।

Warren  Buffet ने इन दोनों की फिलॉस्फी को मिलकर अपनी फिलॉस्फी बनायी है। वह कहते हैं कि जब अच्छी क्वालिटी के stocks अंडर वैल्यू होते हैं। तब उन मे निवेश करना चाहिए। राकेश झुनझुनवाला

बफेट ने अपना जयादातर निवेश मंदी के समय या जब कोई अच्छी कंपनी वन टाइम प्रॉब्लम फेस कर रही होती है। तब किया है क्योंकि तब उन्हें अच्छे शेयर कम कीमत पर खरीदने को मिल जाते है। Warren Buffet ने अपनी कंपनी Berkshire Hathaway के जरिये करीब साठ कंपनियों में निवेश किया हुआ है।                                                                                                                                                                                                                                                           
बफे अपने इन्वेस्टमेंट पर सालाना करीब पच्चीस से तीस प्रतिशत का लाभ कमाते हैं। इन्वेस्टमेंट में बफे दो रूल्स हमेशा फॉलो करते हैं। पहला- Never Loose Money. दूसरा- Never Forget Rule Number One. ऐसा कहा जाता है कि बफे बचपन में अपनी बहन से कहा करते थे। कि बड़े होकर वह सबसे अमीर व्यक्ति बनने वाले हैं। 2008 और 2009 में कुछ महीनों के लिए वह दुनिया के सबसे अधिक धनी व्यक्ति बने भी थे।

आज भी बफे पूरी दुनिया के दस सबसे धनी लोगों की लिस्ट में शामिल हैं। अब उनकी उम्र करीब नब्बे वर्ष के आस-पास है फिर भी वह लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट की ही बात करते हैं। तथा लम्बे समय के लिए ही इन्वेस्टमेंट करते हैं। Demat Account                                                                                                                                                                                                                                                        
Warren Buffet रोज पांच से छः घंटे का समय किताबें पढ़ने में बिताते हैं। वह बहुत ही मित्तव्ययी हैं तथा आज भी उसी घर में रहते हैं, जो उन्होंने 1958 में खरीदा था। वह अपनी गाड़ी खुद ही ड्राइव करते हैं। बफे दुनिया के सबसे बड़े दानी व्यक्ति भी हैं। 

वह मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को करीब अड़तालीस बिलियन डॉलर दान कर चुके हैं। रुपयों में यह कितनी बड़ी धनराशि हुई इसका आप सहज ही अनुमान आप लगा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि वह अपनी 99 % सम्पत्ति दान कर देंगे। बिजनेस और इन्वेस्टमेंट उनका जूनून है तथा इसे वह एन्जॉय करते हैं।                                                                                                                                                                                                             
बफे साहब का  जीवन बहुत ही प्रेरणादायी है। इनके जीवन से इतनी प्रेरणा तो आप भी ले सकते कि इन्वेस्टमेंट के लिए इन्होने जो दो रूल्स बनाये है उन्हें अपने इन्वेस्टमेंट में भी शामिल करें। फंडामेंटल एनालिसिस

वॉरेन बफे ने इस वर्ष (2022) किया तेल कंपनियों में बड़ा निवेश 

एक तरफ जहा पूरे विश्व के बिजनेसमैन ग्रीन एनर्जी में निवेश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और सीईओ वारेन बुफेट फॉसिल फ्यूल कंपनियों में निवेश कर रहे हैं। वारेन बुफेट ने इस वर्ष तेल कंपनियों में 2.15 लाख करोड़ रुपए की बहुत बड़ी रकम काम निवेश किया है। 

बफेट ने शेवरौन तेल कंपनी में करीब 1.35 लाख करोड़ रुपए और ऑक्सीडेंटल पैट्रोलियम में 80,000 करोड रुपए का निवेश किया है। शेयर मार्केट एक्सपर्ट के द्वारा यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि बकेट ऑक्सीडेंटल कंपनी में पूरी हिस्सेदारी भी खरीद सकते हैं। Nifty fifty  

ऐसे समय में जब सभी निवेशक यह सोच रहे हैं कि आने वाला समय ग्रीन एनर्जी का है। तो ऐसे समय में भी बफेट द्वारा तेल कंपनियों में निवेश करना उनकी अलग सोच को दर्शाता है। क्योंकि वह अच्छी तरह जानते हैं की तेल का खेल खत्म नहीं होने वाला है। 

इसीलिए उन्होंने तेल कंपनियों में इतना बड़ा निवेश किया है। इसका एक कारण यह भी है कि एनर्जी सेक्टर ने 2021 में सबसे अच्छा परफॉर्म किया था। इस सेक्टर में शानदार करीब 53% रिटर्न दिए हैं, इसके अतिरिक्त ऑक्सीडेंटल कंपनी के शेयर सस्ते वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं और इस कंपनी के वित्तीय रिजल्ट भी अच्छे आ रहे हैं।

आशा है कि आपको warren Buffet biography in Hindi से बफेट साहब के बारे में काफी अच्छी जानकारी प्राप्त हो गयी होगी।
अगर आपको यह वारेन बफेट की बायोग्राफी हिंदी में। आर्टिकल पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। आर्थिक मंदी 

मेरी यही कोशिश रहती है कि जो भी लिखू जानवर्द्धक लिखू  
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