Opening and closing time: सामान्य ट्रेडिंग सेशन को सतत ट्रेडिंग सत्र के रूप में जाना जाता है। भारत में ट्रेडिंग का समय सुबह 9.15 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक चलता है। Stock market traders इस दौरान बिना किसी रोक-टोक के शेयर खरीद और बेच सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं- भारतीय शेयर मार्केट (NSE, BSE) के खुलने और बंद होने का समय। Opening and closing time of stock market  in India. 
                                                                                      
Indian stock market opening and closing time
                                                                     

Market ka Opening & Closing Time

अभी तक पूरे देश में कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस का ट्रेडिंग टाइम एक ही है। किन्तु अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इसे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। जिससे यह इंटरनेशनल मार्केट के साथ सामजस्य बिठा सके क्योंकि इंटरनेशनल Stock market में देर रात तक ट्रेडिंग होती है। 

भारतीय शेयर मार्केट जल्दी बंद हो जाते हैं इसलिए भारतीय स्टॉक एक्सचेंज फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस trading के लिए शाम 6 pm से 9 pm तक एक और सेशन बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। इंडेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस के लिए NSE के प्रस्ताव को स्टॉक ब्रोकर्स ने मान लिया है। 

अगर सेबी इस प्रस्ताव को मंजूर करता है तो इसे अमल में लाया जा सकता है। इसमें नया अपडेट यह है कि 07-05-2024 को इस प्रस्ताव को सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ( SEBI ) ने एनएसई के इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है, यानि ठुकरा दिया है। 

भारतीय शेयर बाजार के खुलने तथा बंद होने के समय को तीन भागो में बांटा गया है। इस आर्टिकल में  आप भारतीय शेयर बाजार के opening and closing time के बारे में विस्तार से जानेंगे।
 
Opening and closing time of stock market in India, शेयर मार्केट की टाइमिंग को तीन भागों डिवाइड किया गया है। 
  1. प्री ओपनिंग सेशन  
  2. नार्मल सेशन या रेग्युलर सेशन 
  3. पोस्ट क्लोजिंग सेशन 

1.प्री ओपनिंग सेशन

Market Opening की शुरुआत प्रीओपनिग सेशन से होती है। Preopening session का समय सुबह नौ बजे से नौ बजकर पंद्रह मिनट तक होता है। इस दौरान share खरीदने और बेचने का ऑर्डर दिया जा सकता है। Pre-opening session में तीन स्लॉट होते है। 

पहला स्लॉट सुबह नौ बजे से नौ बजकर आठ मिनट तक होता है। इसे ऑर्डर एंट्री पीरियड कहते हैं।  इस पीरियड में शेयर खरीद तथा बिक्री के ऑर्डर दे सकते है। अगर आपको अपना आर्डर रद्द करना है तो वो भी कर सकते है। नौ बजकर सात या आठ मिनट के दौरान यह स्लॉट खत्म हो जाता है। नार्मल सेशन ओपन होने पर इस दौरान लगे ऑर्डर को प्राथमिकता दी जाती है।                                                  

दूसरा  स्लॉट सबह नौ बजकर आठ मिनट से नौ बजकर बारह मिनट तक होता है। इस स्लॉट में ऑर्डर मैचिंग की प्रक्रिया की जाती है तथा डिमांड एंड सप्लाई के आधार पर नार्मल सेशन की opening price निकाली जाती है। इस सेशन में शेयर खरीदने तथा बेचने के आर्डर केंसिल या मॉडिफाई नहीं कर सकते। 

                                                                                             
तीसरा स्लॉट नौ बजकर बारह मिनट से नौ बजकर पंद्रह मिनट तक होता है। यह प्री ओपनिंग और नार्मल सेशन के बीच का समय होता है, इसे बफर पीरियड कहते है। इस सेशन में प्रीओपनिंग सेशन का स्मूथली ट्रांसफर होता है। 

इस दौरान कोई नए ऑर्डर नहीं दिए जा सकते हैं। जिस प्राइस पर ज्यादातर buy/sell आर्डर मैच होते है। वह equilibrium price कहलाती है और वही नॉर्मल सेशन की ओपनिंग प्राइस होती है। Bilateral Matching System में जब शेयर खरीदने तथा बेचने के प्राइस मैच हो जाते हैं। 

तब आर्डर ऑटोमेटिक रूप से पूरा हो जाता है। अगर शेयर खरीदने तथा बेचने वाले ज्यादा हो तो कीमत तथा समय की प्रायोरिटी के हिसाब से सारे ऑर्डर पूरे किये जाते है। 

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2. नॉर्मल सेशन (continuous session)                                         

नॉर्मल सेशन की शरूआत सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:15 AM से होकर 3:30 PM तक लगातार चलता है। इसे  continuous session भी कहते है। इस सेशन में आप सुबह के सवा नौ बजे से शाम के साढ़े तीन बजे तक आप जब भी चाहे शेयर खरीद तथा बेच सकते है।

नॉर्मल  सेशन में bilateral matching system का उपयोग किया जाता है। यानी कि जब buyer तथा seller की प्राइस मैच हो जाती है, तब वह सौदा अपने आप पुरा हो जाता है। अगर शेयर खरीदने तथा बेचने वाले ज्यादा हो, तब टाइम की प्रायोरिटी के हिसाब से सारे सौदे पूरे किये जाते है।  इस सेशन में भी Share के प्राइस डिमांड और सप्लाई के अनुसार तय होते हैं।                                                                                                                                                                         
Bilateral Matching System की वजह से stock market opening प्राइस बहुत volatile रहती है। इसी volatility को कम करने के लिए प्रीओपनिंग सेशन लाया गया। जिसमे मल्टी लेयर्ड मैचिंग सिस्टम यानी जिस प्राइस पर ज्यादातर आर्डर मैच होते हैं। 

उस प्राइस को नॉर्मल सेशन की ओपनिंग प्राइस बनाकर, स्टॉक एक्सचेंज ने ओपनिंग प्राइस वोलेटिलिटी को कम करने का प्रयास किया है। लेकिन नार्मल सेशन के Indian stock market में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव शेयर के price पर भी पड़ता है। मार्केट सेंटीमेंट का प्रभाव भी स्टॉक मार्केट पर पड़ता है।                                                                                                                                                                                                                                     
इंडिया में बहुत कम ट्रेडर्स प्रीओपनिंग सेशन में पार्टिसिपेट करते है, ज्यादातर ट्रेडर्स नॉर्मल  ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत में ही ट्रेडिंग करते हैं। इसलिए नॉर्मल ट्रेडिंग सेशन के शुरू के दस, पंद्रह मिनट बहुत ही वोलेटाइल रहते है। नार्मल सेशन के शुरुआत में आपको बहुत सोच समझ कर ट्रेड करना चाहिए।
                                              
नॉर्मल  सेशन खत्म होने के बाद यानि साढ़े तीन बजे के बाद के दस मिनट का टाइम क्लोजिंग प्राइस के कैलकुलेशन के लिए होता है। इस दस मिनट में यानी साढ़े तीन बजे से तीन बजकर चालीस मिनट तक क्लोजिंग प्राइस का कैलकुलेशन होता है क्योंकि साढ़े तीन बजे जब नॉर्मल सेशन ट्रेडिंग बंद हो जाती है। 

तब stocks तथा index का जो बंद होने का भाव होता है। वह closing price नहीं होता है। शेयरों तथा इंडेक्स की क्लोजिंग प्राइस उनकी आखिरी आधे घंटे यानि तीन से साढ़े तीन के बीच के ट्रेडिंग प्राइस का औसत होता है।                                                                                                                                                                                                          
इंडेक्स जैसे निफ़्टी इंडेक्स, फिननिफ्टी इंडेक्स, निफ्टी बैंक इंडेक्स आदि का क्लोजिंग प्राइस इनके इंडेक्स में जो भी शेयर शामिल हैं। उनके आखिरी आधे घंटे के ट्रेडिंग प्राइस का वेटेड  एवरेज होते है। जिसे वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस कहते है। ज्यादातर closing price दो या तीन मिनट में ही आ जाते है। यानि की तीन बजकर बत्तीस या तैंतीस मिनट पर।                                                                        

3. Post Closing Session 

Indian share market के बंद होने का समय 3:30 बजे है। इसके बाद शेयरों की खरीद और बिक्री बंद हो जाती है। पोस्ट क्लोजिंग सेशन 3:40 PM से 4:00 PM तक होता है। यानी कि सिर्फ बीस मिनट के लिए यह सेशन होता है। आप इस सेशन में नार्मल सेशन के क्लोजिंग प्राइस पर शेयर खरीद तथा बेच सकते है। 

जैसे मान लीजिये इंफोसिस के शेयर का क्लोजिंग प्राइस 600 रूपये है। अगर कोई ट्रेडर इंफोसिस के शेयर खरीदना या बेचना चाहता है। वह post closing session में 600 रूपये के भाव पर खरीद या बेच सकता है। 

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प्रीओपनिंग सेशन तथा पोस्ट क्लोजिंग सेशन सिर्फ cash segment में ही होते है। फ्यूचर एंड ऑप्शन में ये दोनों सेशन नहीं होते है। संक्षेप में Stock market opening and closing in India इस प्रकार है -                                                        
  • 9:00 AM To 9:15 AM, Price Opening Session.
  • 9:15 AM To 3:30 PM,  Normal Session (Regular Session). 
  • 3:30 PM To 3:40 PM, Closing Price  Calculation. 
  • 3:40 PM To 4:00 PM,  Post Closing Session.

कई बार ऐसा होता है कि stock market open session के दौरान मार्केट पार्टिसिपेंट्स किसी कारणवश शेयर खरीद या बेच नहीं पा तेहैं। तब  After Market Order यानि AMO का उपयोग कर सकते है। आफ्टर मार्केट ऑर्डर में आप अपने शेयर खरीदने तथा बेचने के ऑर्डर, स्टॉक मार्केट बंद होने से लेकर BSE तथा NSE खुलने तक दे सकते है। 

इस समय में वास्तविक ट्रेडिंग नहीं होती है क्योंकि Stock market तो बंद ही रहता है। इसमें आप बस अगले ट्रेडिंग सेशन के लिए ऑर्डर प्लेस सकते है। अलग-अलग ब्रोकर्स के आफ्टर मार्केट ऑर्डर का समय अलग हो सकता है। 

कुछ stockbrokers आफ्टर मार्केट ऑर्डर कि सुविधा नहीं प्रदान करते है। स्टॉक मार्केट में एक स्पेशल ट्रेडिंग सेशन भी होता है। जिसे दीपावली पर किया जाता है, इसे मुहूर्त ट्रेडिंग भी कहते है। इसमें दीपावली के दिन एक घंटे के लिए ट्रडिंग होती है। मुहूर्त ट्रडिंग ज्यादातर शाम के समय होती है।  

Bharat ke main Stock Exchange kaun se hain?

भारत में निम्नलिखित प्रमुख दो स्टॉक एक्सचेंज हैं- 
  1. NSE नेशनल स्टॉक एक्सचेंज: NSE, India का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसकी स्थापना हर्षद मेहता स्कैम के बाद 1992 में हुई थी। यह BSE का प्रमुख प्रतिस्पर्धी स्टॉक एक्सचेंज है। 
  2. BSE बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज: यह एशिया का सबसे पुराना और पहला स्टॉक एक्सचेंज है। इसकी स्थापना मुंबई में 1885 में की गई थी। यह मुंबई में दलाल स्ट्रीट पर स्थित है, यह India के सबसे महत्वपूर्ण दो स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है। 
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