शेयर मार्केट सेंटीमेंट का विश्लेषण हिंदी में | market sentiment |

मार्केट सेंटीमेंट किसी शेयर या सम्पूर्ण शेयर मार्केट के बारे में ट्रेडर्स, इन्वेस्टर्स और स्टॉक ब्रोकर्स की ओवरऑल मनोदशा को दर्शाता है। जब कीमतें बढ़ रही होती हैं तो मार्केट सेंटीमेंट को तेजी के रूप में वर्णित किया जाता है। जब कीमतें गिर रही होती हैं तो बाजार की धारणा मंदी की होती है। टेक्निकल इंडीकेटर्स इसे समझने में मदद कर सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं- शेयर मार्केट सेंटीमेंट ( market sentiment ) विश्लेषण हिंदी में। Stock market sentiment analysis in Hindi.

                                                                           
Stock market semtiment


अगर आप भी शेयर मार्केट से अथाह धन कमाना चाहते हैं तो आपको शेयर मार्केट से अकूत धन कमाने वाले प्रसिद्ध अमेरिकी निवेशक के ऊपर लिखी गयी द बेस्ट ऑफ़ वॉरेन बफेट बुक्स को जरूर पढ़ना चाहिए।

मार्केट सेंटीमेंट को इन्वेस्टर अटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। इसे मार्केट में अनुमानित प्राइस डवलपमेंट के प्रति इन्वेस्टर्स के सामान्य प्रचलित एट्टीट्यूड के रूप में जाना जाता है। शेयर मार्केट के सेंटीमेंट को समझने के टूल्स traders एंड investors के मूड को समझकर मार्केट के मूवमेंट का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। 

Market Sentiment  स्टॉक्स या सम्पूर्ण मार्केट के प्रति ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के समग्र दृटिकोण को दर्शाता है। निम्नलिखित कई तरह के इंडीकेटर्स से आप शेयर मार्केट sentimrnt को समझ सकते हैं-

मार्केट मूड इंडेक्स ( MMI ) 

मार्केट मूड इंडेक्स (एमएमआई) दर्शाता है कि बाजार में तेजी या मंदी महसूस हो रही है। यह ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स की भावनाओं पर आधारित एक वास्तविक समय इंडिकेटर है। इस index की गणना share market में भाग लेने वाले ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स की राय और भावनाओं के आधार पर की जाती है।

मार्केट मूड इंडेक्स भारतीय शेयर मार्केट के मौजूदा market sentiment के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यह इन्वेस्टर्स के एक्सट्रीम फियर एंड ग्रीड को मापता है। यह कैसे काम करता है? 
  • Extreme Fear Zone (<20): यह दर्शाता है कि मार्केट में नई पोजीशन बनाने के लिए सही समय है। क्योंकि इस समय मार्केट ओवरसोल्ड जोन में है। अतः प्राइस ऊपर की तरफ बढ़ सकते हैं। 
  • Fear Zone: इस जॉन में इन्वेस्टर्स खरीदारी करने से बचते हैं लेकिन प्राइस MMI ट्रेजेक्टरी पर निभर करते हैं। 
  • Gread Zone: इसमें इन्वेस्टर्स लालची होने की एक्टिंग करते हैं लेकिन प्राइस एक्शन MMI इंडेक्स पर निर्भर करेगा। 
  • Extreme Gread Zone (>80): इस जोन में शेयर के प्राइस ओवरबॉट जोन में होते हैं। अतः इसमें ट्रेडिंग पोजीशन बनाते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि यहाँ से प्राइस में गिरावट हो सकती हैं। 

MMI की पूर्वानुमान शक्ति 

  • इसके ऐतिहासिक अवलोकनों से पता चलता है कि जब MMI एक्सट्रीम फियर एरिया में चला जाता है। तब मार्केट या स्टॉक के प्राइस में बड़ी गिरावट होती है। और तब मार्केट बॉटम आउट हो जाते हैं। 
  • इसी तरह जब MMI एक्सट्रीम ग्रीड एरिया में चला जाता है। तब शेयर मार्केट में बड़ी तेजी होती है और मार्केट या stocks टॉप अप हो जाते हैं। 
  • MMI मार्केट मूड इंडेक्स का कड़ाई से परीक्षण किया गया है। यह 88% तक सटीक रिजल्ट देता है। बैंक निफ्टी 

ट्रेड और इन्वेस्टमेंट की टाइमिंग के लिए MMI का उपयोग 

Trade या इन्वेस्टमेंट को प्रभावी ढंग से समयबद्ध करने के लिए मार्केट मूड इंडेक्स का उपयोग जरूर करना चाहिए। यह इंडेक्स छः फेक्टर्स के कॉम्बिनेशन से बना है। जिसमें FII एंड DII एक्टिविटी और मार्केट वोलैटिलिटी भी शामिल है। 

हाई एक्सट्रीम फियर बाइंग market में अपॉर्च्युनिटी को दर्शाता है। जबकि इसके विपरीत हाई एक्सट्रीम ग्रीड मार्केट में बिकवाली करने का संकेत देता है। प्रसिद्ध अमेरिकी निवेशक Warren Buffett का एक फेमस कोट है "जब मार्केट में ज्यादातर लोग अत्यधिक लालची हो तब आपको बिकवाली करनी चाहिए और जब मार्केट में ज्यादातर लोग भयभीत हों तब आपको खरीदारी करनी चाहिए" 

Market Sentiment analysis टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस का पूरक है। जिससे आपको लॉन्ग-टर्म और शार्ट-टर्म दोनों तरह के trading डिसीजन लेने में मदद मिलती है। 

Market Sentiment analysis in trading 

स्टॉक मार्केट सेंटीमेंट समझने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण तथ्यों को जानना बेहद जरूरी है-
  1. मार्केट सेंटीमेंट विश्लेषण स्पेसिफिक स्टॉक्स या एसेट्स के बारे में ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स की भावना की जाँच करता है। 
  2. यह stocks के भविष्य के प्राइस मूवमेंट का हिंट दे सकता है और trading साइकोलॉजी को प्रभावित कर सकता है। 
  3. Stock market sentiment को समझकर ट्रेडर्स शेयरों के संभावित प्राइस परिवर्तन का अनुमान लगा सकते हैं। 
  4. अल्गो ट्रेडिंग की सफलता के लिए मार्केट सेंटीमेंट का विश्लेषण करना बहुत जरूरी होता है। 
  5. यह स्टॉक्स के प्राइस के पूर्वानुमान लगाने की ट्रेडर्स की क्षमताओं को बढ़ाता है। जिससे ट्रेडर्स  मार्केट trend के सेंटीमेंट को समझकर अपने रिस्क को अच्छे से मैनेज करने में सफल हो जाते हैं। 
  6. मार्केट सेंटीमेंट भीड़ के मनोविज्ञान से प्रभावित होता है। इसे मापने के लिए आप India VIX, बुलिश और बेयरिश स्टॉक्स पर्सेंटेज, High-Low Index जैसे मार्केट इंडीकेटर्स का उपयोग कर सकते हैं। 

ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी में Market Sentiment Analysis कैसे शामिल करें? 

निश्चित रूप से! अपनी ट्रेडिंग रणनीति में मार्केट सेंटीमेंट एनालिसिस को शामिल करने से आपको मूल्यवान अंतर्दृष्टि मिल सकती है। जिससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हो सकती है। Trading और इन्वेस्टिंग स्ट्रेटेजी में मार्केट सेंटीमेंट को शामिल करने के लिए आप निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं- 

मार्केट सेंटीमेंट का एनालिसिस करने के लिए आपको डेटा एकत्र करना चाहिए। जैसे अख़बारों में फाइनेंशियल न्यूज आर्टिकल्स, ब्लॉग्स के आर्टिकल्स और फाइनेंशियल एक्सपर्ट की राय से market sentiment को समझें। सोशल मीडिया: स्टॉक या बाज़ार से संबंधित चर्चाओं के लिए ट्विटर, रेडिट और फाइनेंशियल फॉर्म्स जैसे प्लेटफार्मों की निगरानी करें।

कंपनियों की रिपोर्ट में अर्निग्स रिपोर्ट, मैनेजमेंट स्टेटमेंट और प्रेस रिलीज का विश्लेषण करें। साथ ही मार्केट सेंटीमेंट इंडेक्स India VIX और पुट-कॉल रेश्यो जैसे इंडेक्सों पर बारीक नजर बनाये रखें। 

मार्केट सेंटीमेंट का विश्लेषण करने की टेक्निक्स जैसे लेक्सिकन बेस्ड एनालिसिस का उपयोग कर सकते हैं। मार्केट सेंटीमेंट को दर्शाने वाले शब्दों ( Negative, Positive, Neutral ) को समझें और उनका विश्लेषण करें। कॉल और पुट ऑप्शंस

Market की मूवमेंट के साथ सेंटीमेंटको सहसंबंधित करें। देखें कि कीमत बढ़ने या घटने से पहले सेंटीमेंट कैसे बदलता है? पैटर्न की पहचान करना सीखें। अतिरिक्त जोखिम कारक के रूप में market sentiment का उपयोग करना चाहिए। साथ ही इसके अनुसार पोजीशन साइजिंग को एडजस्ट भी करना चाहिए। 

एक्सट्रीम सेंटीमेंट लेवल को देखते हुए स्टॉप-लॉस लेवल सेट करने चाहिए। समय समय पर ऐतिहासिक डेटा का उपयोग करके अपनी trading strategy का बैकटेस्ट भी करना चाहिए। आपको मार्केट सेंटीमेंट पर आधारित संकेतो के अनुसार पूर्वनिर्धारित नियमों के अनुसार ट्रेड लेना चाहिए। 

उम्मीद है आपको यह शेयर मार्केट सेंटीमेंट ( market sentiment ) विश्लेषण हिंदी में आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आपको यह Stock market sentiment analysis in Hindi आर्टिकल पसंद आये तो इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। 

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