BSE SENSEX Index: 100 रुपये से 80,000+ तक का सफर, रिटर्न का असली सच!

BSE SENSEX: क्या आप भी शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से परेशान हैं? जानिए BSE Sensex क्या है, इसकी गणना कैसे होती है और Reliance या TCS जैसी कंपनियों के साथ सेंसेक्स इंडेक्स फंड में ₹500 से निवेश शुरू कर जोखिम-मुक्त कमाई कैसे करें! 100 रुपये से 80,000+ तक का सफर—जानें रिटर्न का असली सच! BSE SENSEX Indian stock market index.
                                                                   
BSE SENSEX Index
बीएसई सेंसेक्स की 1978-79 से अब तक की ऐतिहासिक यात्रा और प्रमुख मुकाम।

बीएसई सेंसेक्स या सेंसिटिव इंडेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट 30 कंपनियों का फ्री-फ्लोट मार्केट-वेटेड स्टॉक मार्केट इंडेक्स है। ये कंपनियां भारतीय शेयर मार्केट की प्रमुख ब्लूचिप कंपनियां होती हैं। मुंबई स्टॉक मार्केट (BSE ) ने 1986 में सेंसेक्स की स्थापना की थी। आज सेंसेक्स की भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के प्रमुख स्टॉक मार्केट इंडेक्सों में गणना की जाती है। 

क्या आपने कभी सोचा है कि जब समाचारों में हेडलाइन आती है—"सेंसेक्स 1000 अंक टूटा" या "सेंसेक्स ने छुआ नया ऑल-टाइम हाई"—तो इसका आपकी जेब और बैंक अकाउंट पर क्या असर पड़ता है? लाखों लोग हर दिन शेयर बाजार में अपना मेहनत का पैसा सिर्फ इसलिए गंवा देते हैं क्योंकि वे Stock market की इस 'धड़कन' यानी Sensex के गणित को समझे बिना ही ट्रेडिंग करने लगते हैं। 

लेकिन सच्चाई यह है कि सेंसेक्स कोई जटिल रॉकेट साइंस नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक प्रगति को मापने का सबसे आसान थर्मामीटर है। यदि आप भी बिना किसी रिस्क के शेयर बाजार की टॉप कंपनियों में पैसा लगाकर लंबी अवधि में 100x रिटर्न या धन निर्माण करना चाहते हैं, तो यह गाइड सिर्फ आपके लिए है। 

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इस आर्टिकल में आप सेंसेक्स के इतिहास, इसकी गणना विधि, 30 कंपनियों की सूची और ₹500 की SIP से करोड़पति बनने के फॉर्मूले को बेहद सरल भाषा में समझेंगे।

BSE SENSEX क्या है? 

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) या S&P BSE SENSEX, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) का एक बेंचमार्क इंडेक्स (Benchmark Index) है। यह भारत की अर्थव्यवस्था के 13 प्रमुख क्षेत्रों (Sectors) का प्रतिनिधित्व करने वाली 30 सबसे बड़ी, आर्थिक रूप से मजबूत और अत्यधिक ट्रेड होने वाली लार्ज-कैप (Large-Cap) कंपनियों का एक समूह (Basket) है।

जब इन 30 कंपनियों के शेयरों के दाम औसतन बढ़ते हैं, तो सेंसेक्स ऊपर जाता है; और जब इनके दाम गिरते हैं, तो सेंसेक्स नीचे आता है। BSE Sensex भारत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है। इसे Indian Stock Market के बैरोमीटर के रूप में जाना जाता है। जो भारतीय शेयर मार्केट की आर्थिक स्थिती और ओवरऑल इकोनॉमिक ग्रोथ को दर्शाता है। BSE SENSEX को शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स, ट्रेडर्स और एनालिस्ट द्वारा व्यापक रूप फॉलो किया जाता है। 

आज से करीब 41 वर्ष पहले 100 के आधार अंक से शुरू हुआ सेंसेक्स आज 77,370 के करीब है। इसे INDEXBOM: SENSEX के नाम से भी जाना जाता है। शेयर मार्केट की शुरुआत  एक बरगद के पेड़ के नीचे 318 लोगों के एक रूपये की एंट्री फीस के साथ शुरू की थी। 25 जनवरी 2001 को BSE ने डोलैक्स-30 को लॉन्च किया था। इसे BSE का डॉलर लिंक्ड वर्जन कहा जाता है। 

सेंसेक्स की गणना फ्री-फ्लोट मार्केट केपेटलाइजेशन मैथड का उपयोग करके की जाती है। जिसका अर्थ है कि इस index को इसमें शामिल stocks के मार्केट केपेटलाइजेशन पर वेटेड किया जाता है। जिसे कंपनी के पब्लिक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध शेयरों के अनुपात के हिसाब से समायोजित किया जाता है। 

सेंसेक्स के प्राइस में होने वाले बदलाव भारतीय शेयर मार्केट के ओवरऑल मार्केट सेंटीमेंट को दर्शाते हैं। सेंसेक्स का प्राइस कॉर्पोरेट इनकम, इकोनॉमिक इंडीकेटर्स, ग्लोबल मार्केट, सरकारी नीतियाँ, जियोपोलिटिकल न्यूज और market trend आदि फेक्टर्स से प्रभावित होता है। 

इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स भारतीय शेयर मार्केट की जरनल डायरेक्शन जानने के लिए बीएसई सेंसेक्स  का उपयोग करते हैं। शेयर मार्किट पार्टिसिपेंट्स, भारतीय अर्थव्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न अलग-अलग सेक्टर्स के प्रदर्शन का आंकलन करने के लिए भी इसका उपयोग करते हैं।

सेंसेक्स का उपयोग इंडेक्स फंड्स, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स ( ETFs, ) डेरिवेटिव सहित विभिन्न फाइनेंस इंस्ट्रूमेंट्स के आधार के रूप में किया जाता है। कुल मिलाकर BSE SENSEX इंडियन फाइनेंस मार्केट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह भारत की इकनॉमिक ग्रोथ और मार्केट सेंटीमेंट का महत्वपूर्ण इंडिकेटर भी है।
 
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों को कई अगल-अलग सेक्टर्स से लिया गया है। जैसे फाइनेंस, आईटी, बैंकिंग, ऑइल एंड गैस, FMCG, ऑटोमोबाइल, टेलीकम्युनिकेशन,एनर्जी आदि। BSE SENSEX का उपयोग शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स के द्वारा उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के आधार के रूप में भी किया जाता है। 

सेंसेक्स को भारतीय शेयर मार्केट का बैरोमीटर भी कहा जाता है। अतः यह investment के निर्णय लेने में भी यह उनकी मदद करता है। अब आप सेंसेक्स में ऑप्शन ट्रेडिंग भी कर सकते हैं। यदि सेंसेक्स का प्राइस ऊपर जाता है तो इसका मतलब इसमें शामिल कंपनियों के शेयरों के प्राइस में वृद्धि हुई है। जबकि इसके विपरीत यदि सेंसेक्स नीचे जाता है तो इसका मतलब इसमें शामिल कंपनियों के प्राइस में गिरावट हुई है। 

BSE SENSEX के शुरुआत कैसे हुई 

सेंसेक्स की शरुआत 1986 में हुई थी लेकिन इसका बेस ईयर 1978-79 को रखा गया था। इसका बेस पॉइंट 100 अंक था। 1990 तक यह 1,000 पॉइंट तक पहुँच गया। 1990 में देश में आर्थिक उदारीकरण लागू किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप भारतीय शेयर मार्केट में FDI के दरवाजे खुले और बिजनेस करने के कानूनों को सरल किया गया। जिससे सेंसेक्स में बढ़ोतरी हुई। 

जब सेंसेक्स बना तब उसमें सबसे पहले आईटी, टेलिकॉम और बैंकिंग सेक्टर्स की कंपनियों को शामिल किया गया था। आईटी कंपनियों में हो रही वृद्धि को देखते हुए सेंसेक्स में इंफोसिस और टीसीएस को शामिल किया गया था। तब से लेकर अब तक सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में समय-समय पर बदलाव करके इसे अपडेट रखा जाता है।

SENSEX में उतार-चढ़ाव 

समय-समय पर अच्छे और बुरे कारणों की वजह से सेंसेक्स के प्राइस में भारी उतार-चढ़ाव भी आता रहता है। जैसे मार्च 1992 में हर्षद मेहता स्कैम की वजह से सेंसेक्स के प्राइस में भारी गिरावट हुई थी। इसके बाद यह कीवर्षों तक 2,900 से 4,900 के बीच झूलता रहा था। 

सेंसेक्स को 5,000 से 1,0000 तक पहुंचने में छः वर्ष का समय लगा था। 7 फरवरी 2006 को सेंसेक्स ने 1082.28 का लेवल बनाया था। लेकिन अगले डेढ़ वर्ष में सेंसेक्स दस हजार से पंद्रह हजार पर पहुंच गया था। इसके बाद दिसंबर 2007 में सेंसेक्स ने 20,000 का स्तर पार कर लिया था। 

8 जनवरी 2008 को सेंसेक्स ने 21000 का स्तर पार कर लिया था। लेकिन इसी वर्ष आई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंदी से भारत सहित पूरी दुनिया के स्टॉक मार्केट क्रेश हो गए थे भारत भी इससे अछूता नहीं रहा था। जिसके कारण BSE SENSEX भी 10 जनवरी 2008 को गिरकर 14889.25 के स्तर पर बंद हुआ था। 

इसी वर्ष 16 जुलाई को सेंसेक्स ने 12575.8 का लोअर लेवल टच किया था। आर्थिक मंदी की यह गिरावट यहीं नहीं रुकी बल्कि नवंबर 2008 में सेंसेक्स ने 8451.01 का लोवर लेवल टच किया। जिसके कारण बहुत बड़ी संख्या में शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स का पैसा डूब गया था। इसके बाद सेंसेक्स को वापस 21,000 के लेवल तक जाने में तीन वर्ष लगे थे। 

2013 में BSE SENSEX ने फिर बढ़ना स्टार्ट किया और सेंसेक्स ने फिर से 20,000 के लेवल को पार किया था। 2014 में मोदी जी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनने पर शेयर मार्केट ने उनका जोरदार स्वागत किया। 16 मई 2014 को ही सेंसेक्स ने 25,000 का लेवल पार कर लिया था। 

इसके बाद सेंसेक्स को 25,000 से 30,000 का लेवल पार करने में तीन वर्ष का समय लगा था। 30 अक्टूबर को सेंसेक्स ने 40,051 का लेवल पार किया था। हालाँकि अप्रैल के अंत में और मई के शुरू में सेंसेक्स फिर से रिकवरी करने लगा था।

कोविड काल में लगा बड़ा झटका: सेंसेक्स ने 2020 में 42,000 के लेवल के करीब पहुंच गया था। जब 2020 में कोरोना ने तबाही मचानी शुरू की तब दुनिया भर के सभी Stock market क्रैश हो गए थे। BSE SENSEX भी इससे अछूता रहा और यह मार्च 2020 में लॉकडाउन के दौरान गिरकर 25,981 के लेवल तक पहुंच गया था। 

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सेंसेक्स के ऐतिहासिक मील के पत्थर (Historical Milestones)
  1. 1990: सेंसेक्स ने पहली बार 1,000 अंक का आंकड़ा पार किया।
  2. 2006: भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ सेंसेक्स 10,000 के पार पहुंचा।
  3. 2014: 25,000 अंक का ऐतिहासिक स्तर छुआ।
  4. 2021: कोरोना महामारी के बाद आई ऐतिहासिक तेजी में सेंसेक्स ने 50,000 और 60,000 के स्तर तोड़े।
  5. 2024-2026: भारतीय रिटेल निवेशकों के दम पर सेंसेक्स 80,000+ के सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) को पार कर गया।
  6. सोचने वाली बात: यदि आपके दादाजी ने 1978-79 में सेंसेक्स के इंडेक्स में ₹10,000 लगाए होते, तो आज उस ₹10,000 की वैल्यू ₹80 लाख से भी अधिक होती! 
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BSE SENSEX में शामिल Companies के नाम 

बीएसई सेंसेक्स में भारतीय शेयर मार्केट की टॉप 30 कंपनियों के stocks के नाम निम्नलिखित शामिल हैं-

Company NameSymbolSector
1. एशियन पेंट्स लिमिटेड ASIANPAINT.BOपेंट्स 
2 . एक्सिस बैंक  AXISBANK.BOबैंकिंग प्राइवेट  
3. बजाज ऑटो BAJAJ-AUTO.BO ऑटोमोबाइल 
4. बजाज फाइनेन्सBAJFINANCE.BOफाइनेन्स (NBFC) 
5.  बजाज फिनसर्वBAJAJFINSV.BOफाइनेशियल इन्वेस्टमेंट 
6. भारती एयरटेल BHARTIARTL.BOटेलिकम्युनिकशन
7. डॉ रेड्डीज लेबोरेट्री DRREDY.BOफार्मास्युटिकल्स  
8. एचसीएल टेक HCLTECH.BOइनफार्मेशन सर्विस  
9. जेएसडब्ल्यू स्टील     JSWSTEEL.BOस्टील  
10.  एचडीएफसी बैंक HDFCBANK.BO  बैंकिंग प्राइवेट 
11. हिदुस्तान यूनिलीवर  HINDUNILVR.BOकंज्यूमर गुड्स 
12. टाइटन  TITAN.BOडायमंड एंड ज्वैलरी  
13. आईसीआईसीआई बैंक ICICIBANK.BOबैंकिंग- प्राइवेट 
14. इन्फ़ोसिस  INFY.BOआई टी सर्विस एंड कंसल्टिंग  
15 आईटीसी लिमिटेड ITC.BOकंज्यूमर गुड्स एंड सिगरेट   
16. इंडसंड बैंक INDUSINDBK.BOबैंकिंग- प्राइवेट  
17. कोटक महिंद्रा बैंक  KOTAK.MHINDRABANK.BO बैंकिंग -प्राइवेट   
18.  लार्सन & टुब्रोLT.BOइंजीनियरिंग एंड कंट्रक्शन
19. मारुति सुजुकी MARUTI.BOऑटोमोबाइल 
20. महेंद्रा & महेंद्रा  M&M.BOऑटोमोबाइल 
21.  एनटीपीसी NTPC.BO पावर जेनरेशन, डिस्ट्रीब्युशन 
22. नेस्ले इंडिया  NESTLEIND.BOएफएमसीजी    
23. ओएनजीसी ONGC.BOऑइल एंड गैस    
24. पावरग्रिड कॉर्पोरेशन 
POWERGRID.BOपावर डिस्ट्रीब्यशन एंड जेनरेशन 
25. रिलायंस REILANCE.BOऑइल & गैस, डायवर्सिफाइड 
26. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया  SBIN.BOबैंकिंग - सरकारी 
27. सन फार्मा  SUNPHARMA.BOफार्मास्युटिकल्स  
28.  टीसीएस TCS.BOइन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी 
29. टेक महिंद्रा   TECHMHINDRA.BOइन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी   
30. अल्ट्राटेक सीमेंट ULTRATECHCEMENT.BOसीमेंट   

BSE SENSEX से पैसे कैसे कमाएं? 

आप सीधे 'सेंसेक्स' नाम के शेयर को नहीं खरीद सकते क्योंकि यह एक सूचकांक (Index) है। हालांकि, सेंसेक्स में पैसा लगाकर मुनाफा कमाने के 3 सबसे सुरक्षित और आसान तरीके हैं:

1. (Sensex Index Funds: यह म्यूचुअल फंड का एक रूप है। इंडेक्स फंड में फंड मैनेजर आपका पैसा सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों में उसी अनुपात (Weightage) में लगाता है जिस अनुपात में वे सेंसेक्स में शामिल हैं। उदाहरण: HDFC Index Fund - Sensex Plan, SBI Index Sensex Fund. आप मात्र ₹500 की महीने की SIP (Systematic Investment Plan) से शुरुआत कर सकते हैं।

2. सेंसेक्स ईटीएफ (ETFs): ईटीएफ शेयर बाजार में एक सामान्य शेयर की तरह ही ट्रेड होते हैं। इन्हें खरीदने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट (Demat Account) होना चाहिए। उदाहरण: Nippon India ETF Sensex, ICICI Prudential Sensex ETF. इन्हें आप मार्केट के समय (सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक) किसी भी समय रीयल-टाइम कीमत पर खरीद और बेच सकते हैं।

3. सेंसेक्स की 30 कंपनियों में डायरेक्ट स्टॉक बास्केट: यदि आपके पास सही रिसर्च और समय है, तो आप खुद सेंसेक्स की टॉप कंपनियों जैसे Reliance, TCS, HDFC Bank के शेयर सीधे खरीदकर अपना खुद का पोर्टफोलियो बना सकते हैं। 

BSE SENSEX Index में वोलैटिलिटी के कारण 

सेंसेक्स की चाल अचानक क्यों बदलती है? इसके पीछे निम्नलिखित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारण होते हैं-
  • आरबीआई की मौद्रिक नीति (RBI Repo Rate), जब रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो कंपनियों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है, जिससे सेंसेक्स में गिरावट आती है।
  • तिमाही नतीजे (Corporate Earnings), यदि TCS या Reliance जैसी बड़ी कंपनियां उम्मीद से बेहतर मुनाफा दर्ज करती हैं, तो सेंसेक्स ऊपर भागता है।
  • विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs & DIIs), जब विदेशी फंड (FII) भारतीय बाजार में पैसा डालते हैं तो तेजी आती है, और जब वे बिकवाली करते हैं तो सेंसेक्स गिरता है।
  • वैश्विक संकेत (Global Markets), अमेरिका का डाउ जोंस (Dow Jones) या कच्चा तेल (Brent Crude Oil) की कीमतें भारतीय बाजार को सीधे प्रभावित करती हैं।
  • सरकारी नीतियां और बजट (Union Budget), व्यापार-अनुकूल टैक्स दरें और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च सेंसेक्स को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।

नए निवेशकों के लिए जोखिम-मुक्त निवेश रणनीति

  1. SIP का नियम अपनाएं, बाजार चाहे ऑल-टाइम हाई पर हो या क्रैश हो चुका हो, अपनी मंथली SIP को न रोकें। इससे आपको Rupee Cost Averaging का लाभ मिलता है।
  2. पैनिक सेलिंग से बचें, जब सेंसेक्स 1000-2000 पॉइंट गिरता है, तो डरकर अपने शेयर न बेचें। इतिहास गवाह है कि सेंसेक्स ने हर बड़ी गिरावट (जैसे 2008 का क्रैश या 2020 कोरोना क्रैश) के बाद और मजबूत होकर वापसी की है।
  3. पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन, केवल एक सेक्टर या शेयर में सारा पैसा न लगाएं। सेंसेक्स इंडेक्स फंड अपने आप में एक डाइवर्सिफाइड विकल्प है।
निष्कर्ष: बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह उभरते हुए भारत (India's Growth Story) की सफलता की कहानी है। जैसे-जैसे भारतीय अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ रही है, भारत की टॉप 30 कंपनियां और अधिक मुनाफा कमाएंगी, जिसका सीधा फायदा सेंसेक्स के निवेशकों को मिलेगा।

यदि आप शेयर बाजार के जोखिमों से डरते हैं, फिर भी बेहतर रिटर्न (12%-15% CAGR) चाहते हैं, तो सेंसेक्स इंडेक्स फंड या ईटीएफ में आज ही से निवेश की शुरुआत करना आपके वित्तीय भविष्य का सबसे बेहतरीन निर्णय साबित हो सकता है। 

आपकी क्या राय है? क्या आपके पोर्टफोलियो में सेंसेक्स की टॉप 30 कंपनियों के शेयर शामिल हैं? आप किस सेंसेक्स इंडेक्स फंड में SIP करने की योजना बना रहे हैं? नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। 

सेंसेक्स के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs 

प्रश्न1. बीएसई सेंसेक्स क्या है? 
उत्तर: सेंसेक्स भारतीय शेयर मार्केट के प्राइस मूवमेंट को दर्शाता है। स्टॉक मार्केट गिर रहा है या चढ़ रहा है। इसे भारतीय शेयर मार्केट का बेंचमार्क इंडेक्स माना जाता है। BSE को औपचारिक रूप से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के नाम से जाना जाता है। इसकी वेबसाइट bseindia के अनुसार यह भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है जो 1989 से लगातार अपना डेटा प्रकाशित कर रहा है। 

प्रश्न2. BSE SENSEX में कितनी कंपनियों के स्टॉक्स शामिल हैं?
 उत्तर:बीएसई सेंसेक्स में BSE पर लिस्ट कंपनियों में से टॉप 30 को शामिल किया गया है। ये बहुत ही लिक्विड कंपनियां होती है। इन कंपनियों में हाई वॉल्यूम के साथ ट्रेडिंग होती है। ये कंपनियां फाइनेंसियली मजबूत और हाई ग्रोथ वाली कंपनियां होती हैं। 

प्रश्न3. सेंसेक्स का मालिक कौन है? 
उत्तर: जबकि भारत का नेशनल स्टॉक एक्सचेंज विमुद्रीकृत है। फिर भी इसका स्वामित्व बड़े पैमाने पर बैंकों और बीमा कंपनियों के पास है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का लगभग 40% स्वामित्व स्टॉक ब्रोकर्स के पास है। बाकी का स्वामित्व अन्य बाहरी निवेशकों और घरेलू वित्तीय संस्थानों ( FII & DII ) के पास है। 

प्रश्न4. बीएसई का शेयर मार्केट कितने बजे खुलता है? 
उत्तर: बीएसई का शेयर मार्केट भी भारतीय शेयर मार्केट के दूसरे स्टॉक एक्सचेंज NSE और MCX के साथ ही खुलता है। जिसका समय सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 का होता है। वैसे सुबह 9:00 से 9:15 तक एक प्रीमार्केट सेशन भी होता है। जिसमें मिलने वाले ऑर्डर का मिलान किया जाता है। इसमें ट्रेडर्स स्टॉक्स के buy - sell के ऑर्डर लगा सकते हैं। लेकिन वे ऑर्डर एक्जिक्यूट 9:15 बजे के बाद ही होते हैं। 

उम्मीद है, आपको यह BSE SENSEX के 100 रुपये से 80,000+ तक का सफर, रिटर्न का असली सच! आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो। तो इसे अपने दोस्तों के साथं सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। अगर आप शेयर मार्केट के बारे में ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। तो मनी मार्केट हिंदी साइट को जरूर सब्स्क्राइब करें। यदि आपके मन में इस आर्टिकल के बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। 

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