बीएसई सेंसेक्स या सेंसिटिव इंडेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट 30 कंपनियों का फ्री-फ्लोट मार्केट-वेटेड स्टॉक मार्केट इंडेक्स है। ये कंपनियां भारतीय शेयर मार्केट की प्रमुख ब्लूचिप कंपनियां होती हैं। मुंबई स्टॉक मार्केट (BSE ) ने 1986 में सेंसेक्स की स्थापना की थी। आज सेंसेक्स की भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के प्रमुख स्टॉक मार्केट इंडेक्सों में गणना की जाती है। आइये विस्तार से जानते हैं- BSE SENSEX 30 की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।
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BSE SENSEX के बारे में
बीएसई सेंसेक्स जिसे अक्सर 'सेंसेक्स' के नाम से जाना जाता है। एक प्रमुख भारतीय शेयर मार्केट इंडेक्स है। यह भारत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( BSE ) के प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है। इसे Indian Stock Market के बैरोमीटर के रूप में जाना जाता है। जो भारतीय शेयर मार्केट की आर्थिक स्थिती और ओवरऑल इकोनॉमिक ग्रोथ को दर्शाता है। BSE SENSEX को शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स, ट्रेडर्स और एनालिस्ट द्वारा व्यापक रूप फॉलो किया जाता है।
आज से करीब 41 वर्ष पहले 100 के आधार अंक से शुरू हुआ सेंसेक्स आज 73,635 के करीब है। शेयर मार्केट की शुरुआत एक बरगद के पेड़ के नीचे 318 लोगों के एक रूपये की एंट्री फीस के साथ शुरू की थी। 25 जनवरी 2001 को BSE ने डोलैक्स-30 को लॉन्च किया था। इसे BSE का डॉलर लिंक्ड वर्जन कहा जाता है।
सेंसेक्स की गणना फ्री-फ्लोट मार्केट केपेटलाइजेशन मैथड का उपयोग करके की जाती है। जिसका अर्थ है कि इस index को इसमें शामिल stocks के मार्केट केपेटलाइजेशन पर वेटेड किया जाता है। जिसे कंपनी के पब्लिक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध शेयरों के अनुपात के हिसाब से समायोजित किया जाता है।
सेंसेक्स के प्राइस में होने वाले बदलाव भारतीय शेयर मार्केट के ओवरऑल मार्केट सेंटीमेंट को दर्शाते हैं। सेंसेक्स का प्राइस कॉर्पोरेट इनकम, इकोनॉमिक इंडीकेटर्स, ग्लोबल मार्केट, सरकारी नीतियाँ, जियोपोलिटिकल न्यूज और market trend आदि फेक्टर्स से प्रभावित होता है।
इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स भारतीय शेयर मार्केट की जरनल डायरेक्शन जानने के लिए बीएसई सेंसेक्स का उपयोग करते हैं। शेयर मार्किट पार्टिसिपेंट्स, भारतीय अर्थव्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न अलग-अलग सेक्टर्स के प्रदर्शन का आंकलन करने के लिए भी इसका उपयोग करते हैं।
सेंसेक्स का उपयोग इंडेक्स फंड्स, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स ( ETFs, ) डेरिवेटिव सहित विभिन्न फाइनेंस इंस्ट्रूमेंट्स के आधार के रूप में किया जाता है। कुल मिलाकर BSE SENSEX इंडियन फाइनेंस मार्केट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह भारत की इकनॉमिक ग्रोथ और मार्केट सेंटीमेंट का महत्वपूर्ण इंडिकेटर भी है।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों को कई अगल-अलग सेक्टर्स से लिया गया है। जैसे फाइनेंस, आईटी, बैंकिंग, ऑइल एंड गैस, FMCG, ऑटोमोबाइल, टेलीकम्युनिकेशन आदि। BSE SENSEX का उपयोग शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स के द्वारा उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के आधार के रूप में भी किया जाता है।
सेंसेक्स को भारतीय शेयर मार्केट का बैरोमीटर भी कहा जाता है। अतः यह investment के निर्णय लेने में भी यह उनकी मदद करता है। अब आप सेंसेक्स में ऑप्शन ट्रेडिंग भी कर सकते हैं। यदि सेंसेक्स का प्राइस ऊपर जाता है तो इसका मतलब इसमें शामिल कंपनियों के शेयरों के प्राइस में वृद्धि हुई है। जबकि इसके विपरीत यदि सेंसेक्स नीचे जाता है तो इसका मतलब इसमें शामिल कंपनियों के प्राइस में गिरावट हुई है।
BSE SENSEX के शुरुआत कैसे हुई
सेंसेक्स की शरुआत 1986 में हुई थी लेकिन इसका बेस ईयर 1978-79 को रखा गया था। इसका बेस पॉइंट 100 अंक था। 1990 तक यह 1,000 पॉइंट तक पहुँच गया। 1990 में देश में आर्थिक उदारीकरण लागू किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप भारतीय शेयर मार्केट में FDI के दरवाजे खुले और बिजनेस करने के कानूनों को सरल किया गया। जिससे सेंसेक्स में बढ़ोतरी हुई।
जब सेंसेक्स बना तब उसमें सबसे पहले आईटी, टेलिकॉम और बैंकिंग सेक्टर्स की कंपनियों को शामिल किया गया था। आईटी कंपनियों में हो रही वृद्धि को देखते हुए सेंसेक्स में इंफोसिस और टीसीएस को शामिल किया गया था। तब से लेकर अब तक सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में समय-समय पर बदलाव करके इसे अपडेट रखा जाता है।
SENSEX में उतार-चढ़ाव
समय-समय पर अच्छे और बुरे कारणों की वजह से सेंसेक्स के प्राइस में भारी उतार-चढ़ाव भी आता रहता है। जैसे मार्च 1992 में हर्षद मेहता स्कैम की वजह से सेंसेक्स के प्राइस में भारी गिरावट हुई थी। इसके बाद यह कीवर्षों तक 2,900 से 4,900 के बीच झूलता रहा था।
सेंसेक्स को 5,000 से 1,0000 तक पहुंचने में छः वर्ष का समय लगा था। 7 फरवरी 2006 को सेंसेक्स ने 1082.28 का लेवल बनाया था। लेकिन अगले डेढ़ वर्ष में सेंसेक्स दस हजार से पंद्रह हजार पर पहुंच गया था। इसके बाद दिसंबर 2007 में सेंसेक्स ने 20,000 का स्तर पार कर लिया था।
8 जनवरी 2008 को सेंसेक्स ने 21000 का स्तर पार कर लिया था। लेकिन इसी वर्ष आई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंदी से भारत सहित पूरी दुनिया के स्टॉक मार्केट क्रेश हो गए थे भारत भी इससे अछूता नहीं रहा था। जिसके कारण BSE SENSEX भी 10 जनवरी 2008 को गिरकर 14889.25 के स्तर पर बंद हुआ था।
इसी वर्ष 16 जुलाई को सेंसेक्स ने 12575.8 का लोअर लेवल टच किया था। आर्थिक मंदी की यह गिरावट यहीं नहीं रुकी बल्कि नवंबर 2008 में सेंसेक्स ने 8451.01 का लोवर लेवल टच किया। जिसके कारण बहुत बड़ी संख्या में शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स का पैसा डूब गया था। इसके बाद सेंसेक्स को वापस 21,000 के लेवल तक जाने में तीन वर्ष लगे थे।
2013 में BSE SENSEX ने फिर बढ़ना स्टार्ट किया और सेंसेक्स ने फिर से 20,000 के लेवल को पार किया था। 2014 में मोदी जी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनने पर शेयर मार्केट ने उनका जोरदार स्वागत किया। 16 मई 2014 को ही सेंसेक्स ने 25,000 का लेवल पार कर लिया था।
इसके बाद सेंसेक्स को 25,000 से 30,000 का लेवल पार करने में तीन वर्ष का समय लगा था। 30 अक्टूबर को सेंसेक्स ने 40,051 का लेवल पार किया था। हालाँकि अप्रैल के अंत में और मई के शुरू में सेंसेक्स फिर से रिकवरी करने लगा था। सुजलॉन एनर्जी
कोविड काल में लगा बड़ा झटका
सेंसेक्स ने 2020 में 42,000 के लेवल के करीब पहुंच गया था। जब 2020 में कोरोना ने तबाही मचानी शुरू की तब दुनिया भर के सभी Stock market क्रैश हो गए थे। BSE SENSEX भी इससे अछूता रहा और यह मार्च 2020 में लॉकडाउन के दौरान गिरकर 25,981 के लेवल तक पहुंच गया था।
BSE SENSEX में शामिल Companies के नाम
बीएसई सेंसेक्स में भारतीय शेयर मार्केट की टॉप 30 कंपनियों के stocks के नाम निम्नलिखित शामिल हैं-
| Company Name | Symbol | Sector |
|---|---|---|
| 1. एशियन पेंट्स लिमिटेड | ASIANPAINT.BO | पेंट्स |
| 2 . एक्सिस बैंक | AXISBANK.BO | बैंकिंग प्राइवेट |
| 3. बजाज ऑटो | BAJAJ-AUTO.BO | ऑटोमोबाइल |
| 4. बजाज फाइनेन्स | BAJFINANCE.BO | फाइनेन्स (NBFC) |
| 5. बजाज फिनसर्व | BAJAJFINSV.BO | फाइनेशियल इन्वेस्टमेंट |
| 6. भारती एयरटेल | BHARTIARTL.BO | टेलिकम्युनिकशन |
| 7. डॉ रेड्डीज लेबोरेट्री | DRREDY.BO | फार्मास्युटिकल्स |
| 8. एचसीएल टेक | HCLTECH.BO | इनफार्मेशन सर्विस |
| 9. जेएसडब्ल्यू स्टील | JSWSTEEL.BO | स्टील |
| 10. एचडीएफसी बैंक | HDFCBANK.BO | बैंकिंग प्राइवेट |
| 11. हिदुस्तान यूनिलीवर | HINDUNILVR.BO | कंज्यूमर गुड्स |
| 12. टाइटन | TITAN.BO | डायमंड एंड ज्वैलरी |
| 13. आईसीआईसीआई बैंक | ICICIBANK.BO | बैंकिंग- प्राइवेट |
| 14. इन्फ़ोसिस | INFY.BO | आई टी सर्विस एंड कंसल्टिंग |
| 15 आईटीसी लिमिटेड | ITC.BO | कंज्यूमर गुड्स एंड सिगरेट |
| 16. इंडसंड बैंक | INDUSINDBK.BO | बैंकिंग- प्राइवेट |
| 17. कोटक महिंद्रा बैंक | KOTAK.MHINDRABANK.BO | बैंकिंग -प्राइवेट |
| 18. लार्सन & टुब्रो | LT.BO | इंजीनियरिंग एंड कंट्रक्शन |
| 19. मारुति सुजुकी | MARUTI.BO | ऑटोमोबाइल |
| 20. महेंद्रा & महेंद्रा | M&M.BO | ऑटोमोबाइल |
| 21. एनटीपीसी | NTPC.BO | पावर जेनरेशन, डिस्ट्रीब्युशन |
| 22. नेस्ले इंडिया | NESTLEIND.BO | एफएमसीजी |
| 23. ओएनजीसी | ONGC.BO | ऑइल एंड गैस |
| 24. पावरग्रिड कॉर्पोरेशन | POWERGRID.BO | पावर डिस्ट्रीब्यशन एंड जेनरेशन |
| 25. रिलायंस | REILANCE.BO | ऑइल & गैस, डायवर्सिफाइड |
| 26. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया | SBIN.BO | बैंकिंग - सरकारी |
| 27. सन फार्मा | SUNPHARMA.BO | फार्मास्युटिकल्स |
| 28. टीसीएस | TCS.BO | इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी |
| 29. टेक महिंद्रा | TECHMHINDRA.BO | इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी |
| 30. अल्ट्राटेक सीमेंट | ULTRATECHCEMENT.BO | सीमेंट |
सेंसेक्स के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs
बीएसई सेंसेक्स क्या है?
सेंसेक्स भारतीय शेयर मार्केट के प्राइस मूवमेंट को दर्शाता है। स्टॉक मार्केट गिर रहा है या चढ़ रहा है। इसे भारतीय शेयर मार्केट का बेंचमार्क इंडेक्स माना जाता है। BSE को औपचारिक रूप से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के नाम से जाना जाता है। इसकी वेबसाइट bseindia के अनुसार यह भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है जो 1989 से लगातार अपना डेटा प्रकाशित कर रहा है।
BSE SENSEX में कितनी कंपनियों के स्टॉक्स शामिल हैं?
बीएसई सेंसेक्स में BSE पर लिस्ट कंपनियों में से टॉप 30 को शामिल किया गया है। ये बहुत ही लिक्विड कंपनियां होती है। इन कंपनियों में हाई वॉल्यूम के साथ ट्रेडिंग होती है। ये कंपनियां फाइनेंसियली मजबूत और हाई ग्रोथ वाली कंपनियां होती हैं।
सेंसेक्स का मालिक कौन है?
जबकि भारत का नेशनल स्टॉक एक्सचेंज विमुद्रीकृत है। फिर भी इसका स्वामित्व बड़े पैमाने पर बैंकों और बीमा कंपनियों के पास है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का लगभग 40% स्वामित्व स्टॉक ब्रोकर्स के पास है। बाकी का स्वामित्व अन्य बाहरी निवेशकों और घरेलू वित्तीय संस्थानों ( FII & DII ) के पास है।
बीएसई का शेयर मार्केट कितने बजे खुलता है?
बीएसई का शेयर मार्केट भी भारतीय शेयर मार्केट के दूसरे स्टॉक एक्सचेंज NSE और MCX के साथ ही खुलता है। जिसका समय सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 का होता है। वैसे सुबह 9:00 से 9:15 तक एक प्रीमार्केट सेशन भी होता है। जिसमें मिलने वाले ऑर्डर का मिलान किया जाता है। इसमें ट्रेडर्स स्टॉक्स के buy - sell के ऑर्डर लगा सकते हैं। लेकिन वे ऑर्डर एक्जिक्यूट 9:15 बजे के बाद ही होते हैं।
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