Upcoming IPO 2026 List in India: साल 2025 में भारतीय शेयर बाजार ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया, और अब 2026 की शुरुआत भी धमाकेदार होने वाली है। रिलायंस जियो (Reliance Jio) से लेकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) तक, कई दिग्गज कंपनियां कतार में हैं। आइए जानते हैं- Upcoming IPO 2026 List in India: अगला मल्टीबैगर IPO कौन-सा होगा?
इस लेख में हम आपको आने वाले IPO कैलेंडर और कंपनियों की सूची के साथ-साथ IPO में निवेश की वह गुप्त रणनीतियां बताएंगे, जो बड़े-बड़े निवेशक (HNIs) इस्तेमाल करते हैं। शेयर मार्केट में निवेश करने वाले हर व्यक्ति के मन में एक ही सवाल होता है। "अगला बड़ा जैकपॉट कौन सा है?" अगर आप भी कम समय में बेहतर रिटर्न और मल्टीबैगर वेल्थ बनाने का सपना देख रहे हैं, तो आने वाले IPO (Upcoming IPOs 2026) आपके लिए वह सुनहरा दरवाजा साबित हो सकते हैं।
2026 के सबसे प्रतीक्षित IPO
जब हम Upcoming IPOs की बात करते हैं, तो निवेशकों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। क्यों? क्योंकि एक सही IPO आपकी किस्मत बदल सकता है। साल 2026 के पहले महीने में ही कई बड़े नाम अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं।- रिलायंस जियो (Reliance Jio IPO): यह इस दशक का सबसे बड़ा धमाका है। Stock market के जानकारों का मानना है कि रिलायंस जियो का आईपीओ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। इसकी वैल्यूएशन करीब 11 से 12 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है। अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो इस पर नज़र रखना अनिवार्य है।
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE IPO): सालों के इंतजार के बाद, NSE आखिरकार लिस्टिंग के लिए तैयार दिख रहा है। यह न केवल एक कंपनी है, बल्कि भारत की आर्थिक शक्ति का प्रतीक है।
- डिजिटल इंडिया के सुपरस्टार्स: PhonePe, Flipkart, और Zepto ई-कॉमर्स और फिनटेक सेक्टर में क्रांति लाने वाली ये कंपनियां अब पब्लिक होने जा रही हैं। जेप्टो (Zepto) जैसी क्विक-कॉमर्स कंपनी की 10 मिनट की डिलीवरी सर्विस ने बाजार में जो हलचल मचाई है, वह इसके आईपीओ में भी दिखने की उम्मीद है।
जनवरी 2026 का IPO कैलेंडर:
- Bharat Coking Coal (BCCL): भारत कोकिंग कोल का मैनबोर्ड सेगमेंट काआईपीओ 09 Jan 2026 को खुलने वाला है और 13 Jan 2026 को यह आईपीओ बंद होगा। इसका अनुमानित प्राइस बंद 21 से 23 रूपये के बीच रहने वाला है। साथ ही इसका लॉट साइज 600 शेयरों का है।
- Gabion Technologies India: गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया का SME सेगमेंट का आईपीओ 06 Jan को खुलेगा और 08 Jan को बंद होगा। इसका अनुमानित प्राइस 76 से 81 रूपये के बीच रहने वाला है। साथ ही इसका लॉट साइज 1600 यूनिट का है।
- Victory Electric Vehicles: विक्ट्री इलेक्ट्रिक वेहिकल्स का SME सेगमेंट का आईपीओ 07 Jan 2026 को खुलने वाला है जो 09 Jan 2026 को यह आईपीओ बंद होगा। इसका फिक्स्ड प्राइस 41 रूपये रहने वाला है। साथ ही इसका लॉट साइज 30,000 शेयरों का है।
- Yajur Fibres Ltd: यजुर फाइबर लिमिटेड का SME सेगमेंट का आईपीओ 07 Jan 2026 को खुलने वाला है जो 09 Jan 2026 को यह आईपीओ बंद होगा। इसका अनुमानित प्राइस 168 से 174 रूपये के बीच रहने वाला है। साथ ही इसका लॉट साइज 800 शेयरों का है।
- Avana Electrosystems: अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम का SME सेगमेंट का आईपीओ 12 Jan 2026 को खुलने वाला है जो 14 Jan 2026 को यह आईपीओ बंद होगा। इसका अनुमानित प्राइस 168 से 174 रूपये के बीच रहने वाला है। साथ ही इसका लॉट साइज 800 शेयरों का है।
- GRE Renew Enertech: ग्रे रीन्यू एनेरटेक का SME सेगमेंट का आईपीओ 12 Jan 2026 को खुलने वाला है जो 14 Jan 2026 को यह आईपीओ बंद होगा। इसका अनुमानित प्राइस 100 से 105 रूपये के बीच रहने वाला है। साथ ही इसका लॉट साइज 12,00 शेयरों का है।
सही IPO का चुनाव कैसे करें?
- DRHP और RHP को पढ़ें: कंपनी ने सेबी (SEBI) के पास जो ड्राफ्ट फाइल किया है, उसमें कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज और भविष्य की योजनाओं की पूरी जानकारी होती है।
- ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नज़र: हालांकि GMP आधिकारिक नहीं होता, लेकिन यह बाजार के मूड को समझने में मदद करता है। यदि GMP हाई है, तो लिस्टिंग गेन की संभावना बढ़ जाती है।
- प्रमोटर का ट्रैक रिकॉर्ड: क्या कंपनी के मालिक अनुभवी हैं? क्या पहले उनका कोई विवाद रहा है? मैनेजमेंट पर भरोसा होना सबसे जरूरी है।
- फंड का उपयोग: कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसे का क्या करेगी? अगर वह कर्ज चुकाने के लिए पैसा ले रही है, तो सावधान रहें। लेकिन अगर पैसा विस्तार (Expansion) के लिए है, तो यह सकारात्मक संकेत है।
- वैल्यूएशन (Valuation): क्या शेयर का दाम उसकी कमाई (P/E Ratio) के मुकाबले सही है? महंगी वैल्यूएशन वाले आईपीओ अक्सर लिस्टिंग के बाद गिर जाते हैं।
Mainline IPO बनाम SME IPO
- Mainline IPO: इसमें टाटा, रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां आती हैं। जोखिम कम होता है और शेयरों को बेचना आसान (High Liquidity) होता है।
- SME IPO: ये छोटी और मध्यम कंपनियों के लिए होते हैं। यहाँ रिटर्न बहुत ज्यादा मिल सकता है (कभी-कभी 100% से भी ऊपर), लेकिन इनमें मार्केट रिस्क भी उतना ही बड़ा होता है। इसमें शेयरों की खरीद-बिक्री 'लॉट' में होती है इसलिए लिक्विडिटी की समस्या हो सकती है।
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