Stock Market Crash: रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने कुछ दिन पहले चेतावनी दी थी कि "विश्व इतिहास का सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट क्रैश" आने वाला है। उनकी भविष्य वाणी सच साबित हुई। आज पूरी दुनिया के शेयर मार्केट्स क्रैश हो गए हैं। भारतीय शेयर मार्केट भी आज 09-03-2026 को क्रैश हो गया है। Nifty Index 600 पॉइंट गिरकर 23,850 के करीब ट्रेड कर रहा है। इसी तरह Sensex Index 1900 पॉइंट गिरकर 77,000 के करीब ट्रेड कर रहा है। आइए जानते हैं- रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने इतिहास के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट क्रैश' की चेतावनी. Why is the stock market crashing?
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| बाजार के क्रैश होने से निवेशकों में बढ़ी चिंता, क्या पोर्टफोलियो खाली करने का समय आ गया है? |
रिच डैड पुअर डैड: अमीर अपने बच्चों को पैसे के बारे में वह क्या सिखाते हैं, जो गरीब और मध्यम वर्ग नहीं सिखाते?
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किये गए हमलों और ईरान के तगड़े पलटवार के कारण पूरी दुनिया के शेयर मार्केट क्रैश हो गए हैं। इस युद्ध की वजह से मिडलईस्ट से क्रूड ऑइल और गैस की सप्लाई बंद हो गयी है क्योंकि ईरान ने होर्मुज यानि जलडमरू मध्य के जलमार्ग को बंद कर दिया है।
जिसके कारण आयल के भाव 30 उछलकर 115 USD चल रहे हैं। इससे आने वाले समय में पूरी दुनिया में मंहगाई बढ़ेगी और देशों की अर्धव्यवस्था तबाह हो जाएगी। इसी आशंका की वजह से पूरी दुनिया के Stock Market Crash हो रहे हैं।
इसका दूसरा पहलु भी है, प्रसिद्ध अमेरिकी इन्वेस्टर Worren Bffett अक्सर कहते हैं कि जब सब डर में हों तब मार्केट में खरीदारी करनी चाहिए और जब सब लोग लालची हो रहे हो तब अपनी होल्डिंग्स को बेचना चाहिए। आजकल शेयर मार्केट में बहुत डर का माहौल है, FII लगातर बिकवाली कर रहे हैं किन्तु DII खरीदारी कर रहे हैं।
जिन लोगों के पास इस वक्त पैसा है, यदि वह सस्ते प्राइस पर शेयर खरीदकर लम्बे समय के लिए होल्ड करते हैं तो लॉन्ग टर्म में उन्हें अच्छा प्रॉफिट हो सकता है। लेकिन मार्केट एक्सपर्ट अक्सर ऐसा भी कहते हैं कि गिरती छुरी को कभी नहीं पकड़ना चाहिए। यदि किसी को शेयर मार्केट में ही इन्वेस्टमेंट करना है तो उसके लिए SIP भी एक अच्छा विकल्प है, लॉन्गटर्म इन्वेस्टिंग का।
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हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट में, कियोसाकी ने दावा किया कि 2013 में उन्होंने जिस मंदी की भविष्यवाणी की थी, वह अब हकीकत बन रही है। यानि ऐसी ही मंदी फिर से आने वाली है। क्या आप जानते हैं जब दुनिया पैनिक में होती है तब कुछ लोग अपनी तिजोरियां भर रहे होते हैं।
Robert Kiyosaki ने कहा है कि महामंदी आ रही है। रिच डैड पुअर डैड बुक के लेखक ने दुनिया को डराया भी है और रास्ता भी दिखाया है। लेकिन यही वो समय है जब आप अपने कल्पना से भी ज्यादा अमीर बन सकते हैं। इससे पहले 2013 में भी इन्होनें महामंदी आने की चेतावनी दी थी जो अब सच साबित हो रही है।
ज़्यादातर निवेशकों के बीच गिरते मार्केट को लेकर बड़ी चिंताओं के बावजूद, कियोसाकी उन लोगों के लिए आशावादी हैं, जो इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "आने वाला मार्किट क्रैश आपको आपके सबसे बड़े सपनों से भी ज़्यादा अमीर बना देगा। उन्होंने इसे कीमती एसेट्स की "बिक्री" के रूप में बताया है।
Rich Dad Poor Dad के author ने कहा कि वह सोना, चांदी, इथेरियम और Bitcoin सहित "असली" एसेट्स को होल्ड करके मंदी के लिए तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह Bitcoin को लेकर खास तौर पर बुलिश हैं और इसकी कीमत गिरने पर और खरीदेंगे।
रॉबर्ट कियोसाकी ने अपना रुख समझाते हुए बिटकॉइन की 21 मिलियन कॉइन की सीमित सप्लाई पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि ज़्यादातर बिटकॉइन पहले से ही सर्कुलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि पैनिक सेलिंग के समय में वह इसे और ज़्यादा खरीदने का प्लान बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "सिर्फ़ 21 मिलियन बिटकॉइन ही होंगे और लगभग 21 मिलियन बिटकॉइन पहले से ही सर्कुलेशन में हैं।"
एक निवेशक के तौर पर जब आप अपनी मेहनत की कमाई को गिरते हुए देखते हैं, तो डर लगना स्वाभाविक है। लेकिन शेयर बाजार में "डर" और "लालच" ही वह दो भावनाएं हैं जो बाजार को चलाती हैं। आज के इस विस्तृत लेख में, हम उन 10 बड़े कारणों का पोस्टमार्टम करेंगे जिनकी वजह से भारत का स्टॉक मार्केट भी क्रैश (Stock Market Crash) हो रहा है और यह भी जानेंगे कि आपको इस स्थिति में क्या करना चाहिए।
1. अमेरिका इजराइल और ईरान का युद्ध नया खतरा
- तेल और गैस की बढ़ती कीमतें: अमेरिका, इजराइल और ईरान के युद्ध की वजह से इनके प्राइस बहुत ज्यादा बढ़ रहे हैं। ईरान ने जलडमरू मध्य मार्ग को बंद कर दिया है जहां से दुनिया का ज्यादातर तेल सप्लाई होता है। गैस की तो कमी हो गई है। जिसकी वजह आने वाले समय में से उधोग-धंधे भी प्रभावित हो सकते हैं।
- निर्यात पर असर: भारत मिडिल ईस्ट को बहुत सारे एग्री प्रोडक्ट निर्यात करता है। इस युद्ध की वजह से भारत भी मिडल ईस्ट को अपना सामान निर्यात नहीं कर पा रहा है। इसका भी भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की बेतहाशा बिकवाली
- High Valuations: भारत का बाजार अभी भी अन्य इमर्जिंग मार्केट्स (जैसे चीन या कोरिया) के मुकाबले महंगा है।
- AI Trade Shift: वैश्विक स्तर पर पैसा अब "AI (Artificial Intelligence)" आधारित कंपनियों की तरफ शिफ्ट हो रहा है, जो फिलहाल अमेरिका और ताइवान में ज्यादा केंद्रित हैं।
- Currency Weakness: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर ₹91 के स्तर को पार कर चुका है, जिससे विदेशी निवेशकों का मुनाफा कम हो रहा है।
3. मिडकैप और स्मॉलकैप का "बबल" फूटना
पिछले दो सालों में हमने मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) शेयरों में जो अंधाधुंध तेजी देखी थी, अब उसका अंत होता दिख रहा है। कई ऐसी कंपनियां थीं जिनका बिजनेस मॉडल कमजोर था लेकिन शेयर की कीमतें आसमान छू रही थीं।
अब जब बाजार में लिक्विडिटी कम हुई है, तो ये शेयर ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं। साथ ही रिटेल इन्वेस्टर्स, जिन्होंने "FOMO" (छूट जाने का डर) में आकर महंगे भाव पर शेयर खरीदे थे, अब घबराहट में बेच रहे हैं, जिससे गिरावट और गहरी हो गई है।
4. कॉर्पोरेट अर्निंग्स में सुस्ती
शेयर बाजार अंततः कंपनियों के मुनाफे पर निर्भर करता है। 2025 की आखिरी तिमाही के नतीजों ने मार्केट को निराश किया है। आम आदमी की खर्च करने की क्षमता (Disposable Income) कम होने से FMCG और ऑटो सेक्टर के मुनाफे पर असर पड़ा है।
इससे कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पद रहा है कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से कंपनियों का नेट प्रॉफिट मार्जिन (Net Profit Margin) गिर गया है।
5. भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions)
दुनिया के किसी भी कोने में अगर युद्ध की चिंगारी भड़कती है, तो उसका असर दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) पर जरूर पड़ता है। 2026 में वेनेजुएला संकट और मध्य-पूर्व (Middle East) में अस्थिरता ने कच्चे तेल की कीमतों को फिर से अस्थिर कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है इसलिए तेल महंगा होने का मतलब भारत में महंगाई का बढ़ना और शेयर बाजार गिरना।
- जियो फाइनेंशियल और ब्लैकरॉक म्युचुअल फंड की पूरी जानकारी।
- मार्केट एनएसई और बीएसई में 2026 में होने वाले अवकाश
Indian Stock markat प्रमुख ऐतिहासिक गिरावटें और आज की स्थिति
- 2008 में अमेरिका के रियल एस्टेट क्राइसिस की वजह से भी भारी गिरावट आयी थी।
- 2020 में कोविड-19 महामारीकी वजह से भी भारतीय स्टॉक मार्केट क्रैश हुआ था।
- अब 6 2024-25 हाई वैल्यूएशन और भारत पर 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ के 500% तक बढ़ने की आशंका की वजह से FII सेलिंगकी भारतीय शेयर मार्केट में लगातार बिकवाली जारी है...
इस market crash में खुद को कैसे बचाएं?
- पोर्टफोलियो की 'सफाई' करें: यह समय उन "पेनी स्टॉक्स" (Penny Stocks) से बाहर निकलने का है जिनका कोई भविष्य नहीं है। केवल उन्हीं कंपनियों में बने रहें जिनका फंडामेंटल मजबूत है और जिनके पास कैश फ्लो अच्छा है।
- SIP (Systematic Investment Plan) बंद न करें: इतिहास गवाह है कि जिन्होंने क्रैश के दौरान अपनी SIP जारी रखी, उन्होंने ही सबसे ज्यादा वेल्थ बनाई। गिरते बाजार में आपको कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं (Rupee Cost Averaging)।
- कैश बचाकर रखें (Dry Powder): बाजार जब अपने 'सपोर्ट लेवल' (Support Level) पर आए, तब अच्छे लार्जकैप शेयरों को धीरे-धीरे खरीदना शुरू करें। "एक साथ सारा पैसा न लगाएं।"

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