Foreigners trade Indian options: अगर आप भी विदेश में रहते हैं और भारतीय शेयर मार्केट की लहरों पर सवार होना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ आप विदेशी नागरिकों के लिए ऑप्शन ट्रेडिंग के SEBI और RBI के पेचीदा नियमों को सरल भाषा में समझेंगे। आइए जानते हैं- क्या विदेशी नागरिक, इंडियन ऑप्शंस में ट्रेड कर सकते हैं? Can Foreigners trade Indian options.
आज के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। Nifty 50 और Bank Nifty की अस्थिरता (Volatility) और लिक्विडिटी ने दुनिया भर के ट्रेडर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लेकिन एक बड़ा सवाल जो अक्सर पूछा जाता है, वह यह है "क्या एक विदेशी नागरिक या NRI भारतीय स्टॉक मार्केट के ऑप्शंस (Derivatives) में ट्रेड कर सकता है?
विदेशी नागरिकों के लिए भारतीय शेयर बाजार
भारतीय शेयर बाजार (NSE/BSE) में निवेश करने के लिए भारत सरकार ने निम्नलिखित मुख्य श्रेणियां बनाई हैं।- NRI (Non-Resident Indian): वे भारतीय नागरिक जिनके पास भारतीय पासपोर्ट है। लेकिन वे शिक्षा या रोजगार की वजह से साल के 182 दिनों से अधिक समय विदेश में रहते हैं।
- OCI/PIO कार्ड धारक: प्रवासी भारतीय मूल के लोग जो विदेशी नागरिक हैं।
- Foreign Nationals (विदेशी नागरिक): वे लोग जिनका भारत से कोई पारिवारिक संबंध नहीं है (जैसे अमेरिकी, जर्मन या जापानी नागरिक)।
विदेशी नागरिक भारत में आकर किसी लोकल ब्रोकर (जैसे Zerodha या Upstox) के साथ सीधे 'रिटेल इन्वेस्टर' की तरह अकाउंट नहीं खोल सकते। उन्हें FPI (Foreign Portfolio Investor) रूट अपनाना पड़ता है। यह भारतीय नागरिकों की तुलना में थोड़ा पेशेवर और महंगा होता है।
विदेशी लोगों को भारतीय डेरिवेटिव मार्केट में options trading करने के लिए जरूरी दस्तावेज होने चाहिए। जैसे PAN कार्ड (अनिवार्य), विदेशी पासपोर्ट और वीजा/OCI कार्ड, विदेशी पते का प्रमाण, PIS (Portfolio Investment Scheme) की अनुमति होने अनिवार्य हैं।
NRI के लिए ऑप्शंस ट्रेडिंग के नियम ( F&O Trading for NRIs)
प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए ऑप्शंस ट्रेडिंग के नियम थोड़े आसान हैं, लेकिन इनमें कुछ 'Catch' हैं। जिन्हें आपका जानना बेहद जरूरी है।NRE बनाम NRO अकाउंट का चक्कर: अधिकतर NRI निवेश के लिए NRE (Non-Resident External) अकाउंट का उपयोग करते हैं। लेकिन ऑप्शंस ट्रेडिंग (F&O) के लिए केवल NRO (Non-Resident Ordinary) अकाउंट का ही उपयोग किया जा सकता है। इसका कारण यह है कि डेरिवेटिव्स को 'Non-Repatriable' निवेश की श्रेणी में रखा गया है।
CP Code (Custodial Participant Code) की अनिवार्यता: एक आम भारतीय ट्रेडर के विपरीत, NRI को ऑप्शंस ट्रेडिंग करने के लिए एक 'कस्टोडियन' की जरूरत होती है। कस्टोडियन एक संस्था होती है जो आपके ट्रेड्स को क्लियर और सेटल करती है। इसके लिए आपको एक CP Code लेना पड़ता है। बिना इसके आप 'Sell' ऑर्डर या बड़े वॉल्यूम में ट्रेड नहीं कर पाएंगे।
इंट्राडे ट्रेडिंग पर प्रतिबंध: यह जानकर आपको दुख हो सकता है कि NRI भारत में इक्विटी इंट्राडे (एक ही दिन में शेयर खरीदना और बेचना) नहीं कर सकते। हालांकि, ऑप्शंस और फ्यूचर्स में वे पोजीशन ले सकते हैं और उन्हें एक्सपायरी तक या उससे पहले स्क्वायर ऑफ कर सकते हैं।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) रूट (Foreign Portfolio Investment Process)
यदि आप भारतीय मूल के नहीं हैं, तो आपके लिए FPI ही वह दरवाजा है। जिससे आप दलाल स्ट्रीट में प्रवेश कर सकते हैं। FPI बनने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया निम्न प्रकार है-- DDP का चुनाव: आपको एक 'Designated Depository Participant' चुनना होगा। भारत के बड़े प्राइवेट बैंक जैसे ICICI या HDFC, SBI यह के आलावा कई अन्य बैंक यह सुविधा देते हैं।
- डॉक्यूमेंटेशन: आपको अपने देश के टैक्स रेजिडेंसी सर्टिफिकेट, पासपोर्ट और 'बेनिफिशियल ओनर' का प्रमाण देना होगा।
- सेबी रजिस्ट्रेशन: DDP आपकी प्रोफाइल की जांच करेगा और SEBI से मंजूरी दिलाएगा।
- ब्रोकर के साथ जुड़ाव: एक बार FPI लाइसेंस मिल जाने के बाद, आप किसी भी बड़े इंस्टीट्यूशनल स्टॉक ब्रोकर के जरिए निफ्टी ऑप्शंस में ट्रेड कर सकते हैं।
FPI के लिए टैक्स के नियम
- Short-Term Capital Gains (STCG): ऑप्शंस ट्रेडिंग से होने वाली इनकम को 'बिजनेस इनकम' या 'शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स' माना जाता है। FPIs के लिए यह दर आमतौर पर 15% - 20% के बीच होती है।
- विदेशी निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती TDS (Tax Deducted at Source) है। जब भी आप मुनाफा कमाते हैं, आपका ब्रोकर या कस्टोडियन टैक्स काटकर ही आपको पैसे देता है।
- DTAA का जादू: (Double Taxation Avoidance Agreement) भारत का कई देशों (जैसे सिंगापुर, मॉरीशस, फ्रांस) के साथ समझौता है। यदि आप इन देशों के निवासी हैं, तो आप DTAA के तहत कम टैक्स या टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।
GIFT City (IFSC)
- No STT: गिफ्ट सिटी में शेयर मार्केट में ऑप्शन ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग करने पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स नहीं लगता।
- Tax Holiday: यहाँ की इकाइयों को 10 साल तक कॉर्पोरेट टैक्स में बड़ी छूट मिलती है।
- Global Access: विदेशी नागरिक यहाँ डॉलर (USD) में ट्रेड कर सकते हैं, जिससे करेंसी रिस्क खत्म हो जाता है।
- GIFT Nifty: पहले विदेशी नागरिक SGX Nifty पर ट्रडिंग किया करते थे। अब SGX Nifty की जगह GIFT Nifty ने ले ली है, जहाँ विदेशी सीधे ट्रेड कर सकते हैं।

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