Zerodha vs Upstox: शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने वाले नए और अनुभवी निवेशकों के लिए किफायती ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म चुनना बेहद ज़रूरी है। भारत में दो सबसे लोकप्रिय डिस्काउंट ब्रोकर्स हैं- ज़ेरोधा (Zerodha) और अपस्टॉक्स (Upstox)। दोनों ही प्लेटफॉर्म्स ने ट्रेडिंग को आसान, सुलभ और किफायती बनाया है लेकिन सवाल उठता है, आखिर कौन बेहतर है? जानते हैं- Zerodha vs Upstox: कौन सा Demat Account है बेहतर? पूरी तुलना!
अगर आप भी शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करके वॉरेन बफेट की तरह अमीर बनना चाहते हैं तो आपको रॉबर्ट जी. हैगस्टरॉम द्वारा लिखित वॉरेन बफेट के निवेश के रहस्य बुक जरूर पढ़नी चाहिए।
Zerodha vs upstox
भारतीय Share market में रिटेल इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स की संख्या में बहुत ज्यादा वृद्धि देखी गई है। जिससे डिस्काउंट ब्रोकर्स की लोकप्रियता में भी वृद्धि हुई है। इनमें से, ज़ेरोधा और अपस्टॉक्स दो सबसे प्रमुख नाम हैं।
दोनों प्लेटफॉर्म सभी के लिए ट्रेडिंग को सुलभ और किफायती बनाने के उद्देश्य से कई सेवाएँ प्रदान करते हैं।आज के दौर में, जब हर कोई अपनी फाइनेंशियल फ्रीडम की ओर देख रहा है। इसमें डिस्काउंट ब्रोकर एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गए हैं।
डिस्काउंट ब्रोकर एक ऐसी कंपनी होती है जो मार्केट ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए Stocks, Mutual funds और अन्य प्रतिभूतियों (securities) को खरीदने और बेचने का काम करती है।
डिस्काउंट Stockbrokers पारंपरिक (full-service) ब्रोकरों की तुलना में बहुत कम फीस लेने का दावा करते हैं क्योंकि वे व्यक्तिगत सलाह या रिसर्च रिपोर्ट जैसी सेवाएं नहीं देते हैं। Zerodha & Upstox स्टॉकब्रोकर्स भी इसी श्रेणी में हैं।
यह भारत के सबसे बड़े और सबसे लोकप्रिय ब्रोकर हैं इसलिए उनके बीच की तुलना इतनी जरूरी हो जाती है। यह आर्टिकल केवल सतही जानकारियों तक सीमित नहीं है। बल्कि इसमें आप गहराई से जानेंगे कि कौन सा ब्रोकर आपकी trading & investing की लागत को कम करता है।
किस प्लेटफ़ॉर्म की टेक्निक और कस्टमर सर्विस बेहतर है? सबसे जरूरी बात, आपका पैसा कहाँ ज़्यादा सुरक्षित है? दोनों कंपनियों की पृष्ठभूमि, उनकी बिजनेस स्ट्रेटेजीज, और वास्तविक उपयोगकर्ता अनुभवों का विश्लेषण जानेंगे। ताकि आप अपनी ज़रूरतों के अनुसार सबसे अच्छा चुनाव कर सकें।
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Zerodha (जीरोधा)
ज़ेरोधा स्टॉकब्रोकर की कहानी एक क्रांति से कम नहीं है। 2010 में बेंगलुरु में नितिन कामथ और निखिल कामथ द्वारा शुरू की गई यह कंपनी जल्द ही भारत की सबसे बड़ी और सबसे विश्वसनीय ब्रोकिंग फर्म बन गई। इसका एक प्रमुख कारण इसका सरल और पारदर्शी बिजनेस मॉडल है।
जिसमें डिलीवरी पर ज़ीरो ब्रोकरेज और अन्य सेगमेंट पर फ्लैट 20 रूपये का शुल्क है। ज़ेरोधा ने Indian market में डिस्काउंट ब्रोकिंग को मुख्यधारा में लाया और इसे लाखों नए निवेशकों के लिए सुलभ बनाया।
ज़ेरोधा का मार्केट शेयर में कस्टमर बेस इसे भारत के सबसे बड़े स्टॉक ब्रोकर के रूप में स्थापित करता है । नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, ज़ेरोधा के पास 78 लाख से अधिक सक्रिय ग्राहक हैं जो अपस्टॉक्स की तुलना में कहीं अधिक है।
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यह संख्या सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि इनकी एक मज़बूत और सक्रिय कम्युनिटी का संकेत है। जो Stock market में एक्टिव ट्रेडिंग में शामिल हैं। ज़ेरोधा के पास ट्रेडिंग Q&A जैसे अपने स्वयं के मंच हैं। जहाँ इसके कस्टमर एक-दूसरे की मदद करते हैं और एक दूसरे के सवालों के जवाब देते हैं।
यह एक सकारात्मक चक्र बनाता है, ज़्यादा उपयोगकर्ता जुड़ते हैं और ज्ञान का आदान-प्रदान होता है। जिससे अनुभव और बेहतर होता है, यह और अधिक उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करता है।
यह Zerodha को सिर्फ़ एक ब्रोकर नहीं, बल्कि फाइनेंशियल एजुकेशन और ज्ञान का एक केंद्र भी बनाता है। ज़ेरोधा इक्विटी, डेरिवेटिव, कमोडिटी और म्यूचुअल फंड सहित फाइनेंसियल सर्विसेज की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।
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Upstox (अपस्टॉक्स)
अपस्टॉक्स की कहानी भी ज़ेरोधा के साथ-साथ ही शुरू हुई। 2010 में मुंबई में रघु कुमार, रवि कुमार और श्रीनिवास विश्वनाथ ने इसे स्थापित किया था। Upstox ने भी अपनी तकनीक-केंद्रित और कम लागत वाली सर्विसेज की वजह से Share market में तेज़ी से जगह बनाई।
इसकी विश्वसनीयता को रतन टाटा और टाइगर ग्लोबल जैसे प्रमुख इन्वेस्टर्स के समर्थन से और भी बल मिला है। Upstox ने अपनी टेक्निक और कस्टमर्स के अनुभव पर ध्यान केंद्रित करके एक बड़ा customer base बनाया है।
यह भारत के टॉप 5 सबसे बड़े डिस्काउंट स्टॉक ब्रोकर्स में शामिल है। इसने प्रतिस्पर्धी brokrage fee और उपयोगकर्ता के अनुकूल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की वजह से करके बड़ा कस्टमर बेस बनाया है।अपस्टॉक्स इक्विटी, डेरिवेटिव, कमोडिटी और म्यूचुअल फंड में सेवाएं प्रदान करता है।
फीस और चार्जेस
Stock market ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स की इन्वेस्टमेंट जर्नी में स्टॉकब्रोकर द्वारा लिए जाने वाले फीस और अन्य चार्ज बहुत महत्व रखते हैं क्योंकि इनसे उसके प्रॉफिट पर बहुत फर्क पड़ता है। इसे ऐसे समझ सकते हैं, इंट्राडे ट्रेडर्स जो दिन में कई ट्रैड लेते हैं।
अगर वे ज्यादा ब्रोकरेज देंगे, तो उनका बहुत सारा पैसा तो इसी में चला जायेगा। अगर वे प्रॉफिट कमा रहे हैं तो उनका काफी हो इसी में चला जायेगा। जिससे उनको प्रॉफिट कम होगा। अगर उन्हें नुकसान होता है तो ज्यादा ब्रोकरेज से उनका नुकसान और भी बढ़ जायेगा। अतः इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स के लिए ब्रोकरेज चार्जेज बहुत मायने रखते हैं।
Zerodha vs Upstox ब्रोकरेज चार्ज निम्नलिखित प्रकार हैं-
ब्रोकरेज और चार्जेज़ | जीरोधा | अपस्टोक्स |
---|---|---|
अकाउंट ओपनिंग चार्ज | ₹0 (ऑनलाइन) | ₹0 (ऑनलाइन) |
वार्षिक रखरखाव फीस (AMC) | ₹300+GST (तिमाही में लिया जाता है) | पहले वर्ष फ्री, बाद में ₹150+GST (प्रति वर्ष) |
इक्विटी डिलीवरी ब्रोकरेज | ₹0 (पूरी तरह फ्री) | प्रति ट्रेड एक्जीक्यूशन ₹20 |
Intraday/F&O brokrage | ₹20 या .03% (जो भी कम हो) | ₹20 या .01% (जो भी कम हो) |
कॉल और ट्रेड फी | ₹50 प्रति एक्जिक्यूट ऑर्डर | ₹20 प्रति एक्जिक्यूट ऑर्डर |
DP Fees | ₹13.5 प्रति स्क्रिप | ₹20 प्रति स्क्रिप |
Zerodha vs Upstox के बीच एक बड़ा अंतर उनके वार्षिक रखरखाव फीस (AMC) में है। अपस्टॉक्स अपने नए ग्राहकों को पहले साल के लिए मुफ़्त एएमसी देता है, जो पहली नज़र में एक बहुत ही आकर्षक प्रस्ताव लगता है।
इसके विपरीत, ज़ेरोधा पहले दिन से ही ₹300 + GST की वार्षिक फीस लेता है। एक शुरुआती निवेशक के लिए, "मुफ़्त" शब्द बहुत लुभावना होता है। अपस्टॉक्स की यह स्ट्रेटेजी नए कस्टमर्स को आकर्षित करने में सफल होती है।
लेकिन, ज़ेरोधा के मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म (Kite), विशाल ज्ञान भंडार (Varsity), और हेल्पफुल कम्युनिटी (Trading Q&A) को देखते हुए, 300 रूपये की यह फीस एक इन्वेस्टमेंट की तरह लगती है। यह फीस एक ऐसी प्रणाली को बनाए रखने में मदद करता है जो ज़्यादा स्थिर और विश्वसनीय है।
जबकि अपस्टॉक्स पहले साल मुफ़्त है, लेकिन क्या यह छोटी सी बचत प्लेटफ़ॉर्म की स्थिरता या ग्राहक सेवा से जुड़े संभावित मुद्दों के लायक है? इसके कस्टमर्स अक्सर "एक्स" जैसे मंचों पर बग्स और ग्लिच की शिकायत करते हैं। जो उनकी ट्रेडिंग को प्रभावित कर सकते हैं।
अनुभवी इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स जानते हैं कि एक स्थिर और विश्वसनीय ब्रोकर की कीमत इन छोटे-मोटे शुल्कों से कहीं ज़्यादा होती है।
ब्रोकरेज के मामले में, ज़ेरोधा का सबसे बड़ा लाभ इक्विटी डिलीवरी पर पूरी तरह से मुफ़्त ब्रोकरेज है। यह शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स के लिए बहुत फायदेमंद है। यह ज़ेरोधा की सबसे बड़ी पहचानों में से एक है।
अपस्टॉक्स की डिलीवरी ब्रोकरेज पर 20 रूपये प्रति ट्रेड फीस लगता है। Zerodha की ब्रोकरेज नीति शुरू से ही स्पष्ट और सुसंगत रही है, और यह पारदर्शिता एक मजबूत भरोसा पैदा करती है।
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