what is Japanese charts Candlesticks pattern - मार्केट से पैसा कमाने का आसान तरीका!

Japanese Candlesticks  Chart Pattern: जापानी कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न एक टेक्निकल एनालिसिस टूल्स है, जो किसी भी शेयर, इंडेक्स या कमोडिटी की निश्चित समयावधि (जैसे 1 दिन, 1 घंटा या 1 मिनट) में चार प्रमुख कीमतों Open, High Lo, और Close को एक साथ मोमबत्ती (Candle) के आकार में दिखाता है। इसका उपयोग यह समझने के लिए किया जाता है कि बाजार पर बायर्स (खरीदार) का नियंत्रण है या सेअर्स (बिकवाल) का, जिससे भविष्य की कीमत के रुझान और ट्रेंड रिवर्सल का अनुमान लगाया जाता है। जानते हैं- कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न क्या हैं? What is Japanese Candlesticks Chart Pattern in Hindi.                                                                                                                                                                  
Japanese CandleStick Chart Pattern
जापानी कैंडलस्टिक के दो मुख्य रूप: बुलिश (हरी) और बियरिश (लाल) मोमबत्ती का बॉडी और शैडो ढांचा होता है। 


यदि आप stock market, कमोडिटी मार्केट अथवा करेंसी मार्केट में ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग करते है। तो आपको कैंडल स्टिक चार्ट पैटर्न का ज्ञान होना बहुत ही जरूरी है। इनका अविष्कार जापान के चावल के व्यापारियों ने किया था इसलिए इनको Japanese Candlesticks Pattern के नाम से जाना जाता है। 

यह रियल टाइम, प्राइस एक्शन को दर्शाता है, इसके साथ आप lagging indicator टेक्निकल टूल्स का उपयोग करके बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। जैसे RSI, Stochastic Oscillator आदि, इनका उपयोग केवल सिग्नल को कन्फर्म करने के लिए करना चाहिए। ज्यादातर बड़े निवेशक यही  युक्ति अपनाते हैं।

आप एक टेक्निकल इंडीकेटर्स का यूज़ करके श्योर हो सकते कि Candlestick pattern जो बता रहा है वह सही है या नहीं। इस पोस्ट को पड़ने के बाद आप किसी भी कैंडलस्टिक चार्ट को बहुत ही आसानी से समझ सकते हैं। Price action strategy को समझने के लिए Technical Analysis के साथ -साथ कैडलस्टिक्स पैटर्न को समझना भी बहुत ही जरूरी है तभी आप ट्रेड में entry तथा exit के सही समय और प्राइस के बारे में जान पाएगें।           

जापानी कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न

इसकी शुरुआत 18वीं शताब्दी में जापान के चावल व्यापारी मुनेहिसा होम्मा (Munehisa Homma) ने की थी। उन्होंने चावल की कीमतों के उतार-चढ़ाव और व्यापारियों के मनोविज्ञान को समझने के लिए इस तकनीक का विकास किया। एक कैंडलस्टिक के मुख्य निम्नलिखित दो भाग होते हैं-
  1. Body, यह Open और Close प्राइस के बीच की दूरी को दर्शाता है।
  2. Wick / Shadow, यह उस समय अवधि के High और Low प्राइस को दर्शाती है।

कैंडलस्टिक के प्रकार 

Candlesticks मुख्यतः निम्नलिखित दो प्रकार की होती हैं-

1. Bullish Candlestick (हरी कैंडल): जब क्लोजिंग प्राइस, ओपनिंग प्राइस से अधिक हो। उदाहरणस्वरूप Tata Motors का शेयर ₹900 पर ओपन हुआ (Open), दिन भर में ₹895 तक नीचे गया (Low), ₹930 तक ऊपर गया (High), और ₹925 पर बंद हुआ (Close)। चूंकि क्लोज (₹925) ओपन (₹900) से बड़ा है, इसलिए यह हरी कैंडल बनेगी। यह तेजी का संकेत देती है।

2. Bearish Candlestick (लाल मोमबत्ती): जब क्लोजिंग प्राइस, ओपनिंग प्राइस से कम हो। उदाहरण स्वरूप Reliance Industries का शेयर ₹3,000 पर ओपन हुआ (Open), ₹3,020 का High बनाया, ₹2,940 का Low बनाया और ₹2,950 पर बंद हुआ (Close)। क्लोजिंग प्राइस ओपन से कम होने के कारण यह लाल कैंडल बनेगी। यह मंदी का संकेत देती है। 

Candlestick के बीच का जो हिस्सा होता है उसे Real body  कहते हैं। Real body के ऊपर और नीचे जो पतली लाइन होती है उसे शैडो (shadow ) या विक (wick ) कहते हैं। Upper shadow का टॉप शेयर के हाई प्राइस को दर्शाता है तथा Lower shadow का निचला सिरा शेयर के low प्राइस को दर्शाता है। यदि कैंडल की रियल बॉडी छोटी होती है तो यह कम मात्रा में buying और selling के रुझान को दर्शाती है।

Bullish Candlestick (बुलिश ) तथा दूसरी Bearish Candlestick  (बेयरिश), बुलिश कैंडलस्टिक हरे या सफेद रंग होती हैं। बेयरिश कैंडल लाल या काले रंग की होती है। बुलिश यानि बुल्स (BULLS ) जो मार्केट को ऊपर ले जाना चाहते हैं। बेयर्स ( BEARS) जो मार्केट को गिरना चाहते हैं। 

स्टॉक मार्केट में एक तरह से बुल्स और बेयर्स के बीच में फाइट होती रहती है। जिस दिन मार्केट गिरता है उस दिन बेयर्स की जीत होती है तथा लाल रंग की कैंडल बनती है। जिस दिन मार्केट चढ़ता है, उस दिन बुल्स की जीत होती है तथा हरे रंग की कैंडल बनती है। कैंडल के रंग से हमे यह पता चल जाता है कि Stock market को कंट्रोल कौन कर रहा है? बुल्स या बेयर्स तथा कौन कंट्रोल खो रहा है? 

ये भी जानें- डीमैट में पड़े शेयरों से बिना बेचे हर महीने कमाएं

इनके हिसाब से हम अपनी प्राइस एक्शन स्ट्रेटेजी बना सकते हैं। यदि शेयर के बंद होने का प्राइस शेयर के खुलने के प्राइस से ऊपर है तो हरे अथवा सफेद रंग की कैंडल बनेगी। इसी तरह यदि शेयर के बंद होने का प्राइस शेयर के खुलने के  प्राइस से नीचे है तो लाल अथवा काले रंग की कैंडल बनेगी। आप उपर्युक्त चित्र में देख सकते हैं।                                                                                                                                                                      

लम्बी हरी जापानी कैंडलस्टिक स्ट्रांग बाइंग प्रेशर को दर्शाती है। इसमें शेयर के प्राइस अपने खुलने के प्राइस से ऊपर बंद होते हैं। लम्बी लाल कैंडलस्टिक स्ट्रांग सेलिंग प्रेशर को दर्शाती है तथा इसमें प्राइस अपने खुलने के प्राइस से नीचे बंद होते हैं। छोटी शैडो वाली Japanese Candlestick Chart Pattern ये दर्शाता है। कि ज्यादातर ट्रेडिंग सेशन अपने ओपनिंग एवं क्लोजिंग प्राइस के आसपास ही घूमता रहा।

यदि कैंडलस्टिक की ऊपरी शैडो लम्बी तथा लोअर शैडो छोटी  होती है तो इसका मतलब buyer अपनी ताकत दिखायगे तथा बिड प्राइस हाई होगा। लेकिन सेशन के आखिर में सेलर अपनी ताकत दिखायगे तथा प्राइस वापस ओपन प्राइस के आसपास आ जायेगा। 

ये भी जानें- क्या आपका ब्रोकर भी आपके शेयर चुपचाप बेच देता है?

यदि कैंडलस्टिक की निचली शैडो लांग तथा ऊपरी शैडो छोटी होती है तो इसका मतलब सेशन के शुरू में sellers हावी रहेंगे और प्राइस को नीचे गिरा देंगे। लेकिन सेशन के आखिर में buyers वापस आ जायेगे तथा प्राइस फिर से अपने ओपनिंग प्राइस के आसपास हो जायेगा। Candlesticks pattern कई तरह के होते हैं इसलिए स्टॉक चार्ट को समझने के लिए आपको ये पता होना बहुत जरूरी है कि ये पैटर्न आपको क्या संदेश देते हैं। तभी आप इनका उपयोग अपने फायदे के लिए कर पायगे।

कैंडलस्टिक पैटर्न सामान्यतः कई  प्रकार के होते है, इनकी सहायता से आप मूमेंटम तथा ब्रेकऑउट तथा वर्तमान ट्रैंड आगे चलेगा या नहीं इस बात का पता लगा सकते हैं। स्टॉक में कितना मूमेंटम बना हुआ है या बचा हुआ है। इसके साथ आप ये भी पता लगा सकते है कि क्या ब्रेकऑउट हो सकता है? क्या वर्तमान ट्रैंड आगे चलेगा या रिवर्सल आ सकता है।              

ये भी जानें- NSE-BSE पर बदला F&O ट्रेडिंग का तरीका                                                           

Candlestick Pattern के मुख्य प्रकार 

  • Doji (डोजी): जब शेयर का Open और Close प्राइस लगभग एक समान हो। डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बाजार में अनिर्णय (Indecision) की स्थिति दर्शाता है।
  • Hammer (हथौड़ा): यह बॉटम पर बनता है और यह संकेत देता है कि बिकवालों के दबाव के बावजूद खरीदारों ने कीमत को वापस ऊपर खींच लिया। यह ट्रेंड रिवर्सल (तेजी) का संकेत है।
  • Bullish Engulfing: जब एक छोटी लाल कैंडल के बाद एक बड़ी हरी कैंडल बनती है जो पूरी तरह से पिछली लाल कैंडल को ढंक लेती है। बुलिश एंगुलफिंग पैटर्न एक डबल कैंडलस्टिक पैटर्न है। 
Candlesticks pattern एक बड़ा सब्जेक्ट है इसलिए इसको  एक पोस्ट में कवर नहीं किया सकता है। इसके ऊपर मैंनें और भी आर्टिकल लिखे हैं, कृपया कैंडलस्टिक पैटर्न की सम्पूर्ण जानकारी के लिए उन्हें भी पढ़े। 

भारतीय शेयर मार्केट में कैंडलस्टिक पैटर्न का उपयोग कैसे करें?

टाइमफ्रेम का चुनाव: इंट्राडे (Intraday) ट्रेडिंग के लिए 5-मिनट या 15-मिनट का चार्ट इस्तेमाल करें। स्विंग या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए Daily या Weekly चार्ट देखें। स्टॉप लॉस (Stop Loss) और टारगेट के लिए यदि आप State Bank of India (SBIN) का शेयर ₹800 पर हैमर कैंडल देखकर खरीद रहे हैं, तो कैंडल के निचले स्तर (उदारण ₹790) को स्टॉप लॉस रखें।

निष्कर्ष: जापानी कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न टेक्निकल एनालिसिस की रीढ़ की हड्डी है। यह न सिर्फ आपको कीमत की जानकारी देता है, बल्कि बाजार में खरीदारों और बिकवालों की भावना और मनोविज्ञान (Psychology) को भी स्पष्ट रूप से सामने रखता है।

जापानी कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न्स के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)


Q1. जापानी कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: यह शेयर बाजार और ट्रेडिंग में तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) का एक प्रमुख टूल है। यह एक निश्चित समय अवधि में शेयर की चार कीमतों—Open, High, Low, और Close को मोमबत्ती (Candle) के रूप में दिखाता है, जिससे बाजार में खरीदारों और बिकवालों के रुझान का पता चलता है।

Q2. लाल और हरी कैंडलस्टिक में क्या अंतर होता है?
उत्तर: हरी कैंडल (Bullish): जब शेयर का क्लोजिंग प्राइस, ओपनिंग प्राइस से अधिक होता है (जैसे Tata Motors ₹900 पर खुला और ₹925 पर बंद हुआ), तो यह तेजी का संकेत देती है। लाल कैंडल (Bearish), जब क्लोजिंग प्राइस, ओपनिंग प्राइस से कम होता है (जैसे Reliance ₹3,000 पर खुला और ₹2,950 पर बंद हुआ), तो यह मंदी का संकेत देती है।

Q3. हैमर (Hammer) और शूटिंग स्टार (Shooting Star) पैटर्न क्या संकेत देते हैं?
उत्तर: Hammer: यह डाउनट्रेंड के निचले स्तर (बॉटम) पर बनता है और बाजार में मंदी खत्म होकर तेजी आने का संकेत देता है। Shooting Star, यह अपट्रेंड के ऊपरी स्तर (टॉप) पर बनता है और बाजार में तेजी समाप्त होकर गिरावट आने का संकेत देता है।

Q4. इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए कौन सा टाइमफ्रेम (Timeframe) सबसे अच्छा माना जाता है?
उत्तर: इंट्राडे (Intraday) ट्रेडिंग के लिए 5-मिनट और 15-मिनट का टाइमफ्रेम सबसे उपयुक्त माना जाता है। वहीं, स्विंग या लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग के लिए Daily और Weekly चार्ट का उपयोग किया जाता है।

Q5. क्या केवल कैंडलस्टिक पैटर्न देखकर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, केवल कैंडलस्टिक पैटर्न पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। सटीक और सुरक्षित ट्रेड के लिए कैंडलस्टिक पैटर्न को वॉल्यूम (Volume), सपोर्ट/रेजिस्टेंस (Support & Resistance) और अन्य इंडिकेटर्स (जैसे RSI, MACD) के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए।

उम्मीद है, आपको यह आर्टिकल कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न क्या है? जरूर पसंद आया होगा। अगर आपको यह आर्टिकल What is Japanese Candlesticks Chart Pattern पसंद आया हों तो इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। मेरी यही कोशिश रहती है कि जो भी लिखू जानवर्द्धक लिखू  ऐसी ही इन्फॉर्मेशनल पोस्ट पढ़ने के लिए मनी मार्केट हिंदी साइट को subscribe जरूर कीजिये। इस  पोस्ट से सम्बन्धित कोई सवाल या सुझाव हो तो  कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।                                                                                    

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ