Credit Card: क्या जेब खाली होने पर भी शॉपिंग करना चाहते हैं? जानिए क्रेडिट कार्ड क्या है और बिना इनकम प्रूफ 2026 में तुरंत क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं। इस खुफिया ट्रिक से हर महीने होगी ₹5,000 तक की कमाई और मिलेगा 0% ब्याज पर पैसा। अभी पढ़ें सीक्रेट गाइड! जानते हैं- 2026 में Credit Card बनवाने का सबसे आसान तरीका! What is Credit Card in Hindi.
                                                                             
Credit Card in Hindi
क्रेडिट कार्ड क्या है और इसे बनवाने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए? जानिए सब कुछ।

Credit Card क्या है और क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं? जानिए 2026 की सीक्रेट ट्रिक

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि महीने की 20 तारीख आते-आते जेब पूरी तरह खाली हो जाती है और अचानक कोई जरूरी खर्च या मेडिकल इमरजेंसी सामने आ जाती है? ऐसे समय में रिश्तेदारों के आगे हाथ फैलाने या दोस्तों से मिन्नतें करने से बेहतर है कि आपका बैंक आपके पीछे एक ढाल बनकर खड़ा रहे। 

आज के इस महंगाई के दौर में क्रेडिट कार्ड कोई लग्जरी या शौक की चीज नहीं, बल्कि हर समझदार इंसान की सबसे बड़ी जरूरत और 'अदृश्य कमाई' का जरिया बन चुका है। अगर आपके पास सही जानकारी है, तो आप बिना एक भी रुपया जेब से गंवाए, बैंक के पैसों से अपनी हर ख्वाहिश पूरी कर सकते हैं और साथ में मोटी बचत भी कर सकते हैं। 

इस आर्टिकल में हम आपको क्रेडिट कार्ड की ए-टू-जेड (A-Z) ऐसी गुप्त बातें और तुरंत कार्ड बनवाने का सबसे आसान तरीका बताएंगे, जो खुद बैंक वाले भी आपको आसानी से नहीं बताते! आज के डिजिटल दौर में शॉपिंग करनी हो, ऑनलाइन टिकट बुक करना हो या कोई बड़ा खर्च... Credit Card हर किसी की जरूरत बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड असल में काम कैसे करता है और आप अपने लिए एक बेस्ट क्रेडिट कार्ड कैसे ले सकते हैं? अगर नहीं, तो यह लेख आपके लिए ही है। 

ये भी जानें- पैसिव इनकम क्या है? पैसिव इनकम कैसे जैनरेट करें?

क्रेडिट कार्ड क्या है? (What is Credit Card in Hindi)

आइए इसे बिल्कुल सरल और देसी भाषा में समझते हैं। क्रेडिट कार्ड (Credit Card) आपके बैंक द्वारा दिया गया एक ऐसा जादुई 'उधार का कार्ड' है, जिसकी मदद से आप बाजार में जाकर या ऑनलाइन कोई भी सामान खरीद सकते हैं, भले ही उस समय आपके बैंक खाते में एक भी रुपया न हो!

इसे एक उदाहरण से समझिए। मान लीजिए आपको ₹20,000 का एक नया स्मार्टफोन खरीदना है, लेकिन आपकी सैलरी आने में अभी 15 दिन बाकी हैं और अकाउंट खाली है। अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड है, तो आप तुरंत वह फोन खरीद सकते हैं। बैंक उस दुकानदार को अपनी जेब से पैसे दे देगा। इसके बाद बैंक आपको 45 से 50 दिनों का समय देगा कि आप आराम से बिना किसी ब्याज (0% Interest) के वह पैसा बैंक को वापस लौटा दें। 

ये भी जानें- 10 रूपये का शेयर बनेगा 1000 का?

डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में क्या अंतर है? (Debit Card vs Credit Card)

बहुत से लोग आज भी एटीएम कार्ड (Debit Card) और क्रेडिट कार्ड को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है-
  1. डेबिट कार्ड (ATM Card): इसमें आप सिर्फ उतना ही पैसा खर्च कर सकते हैं, जितना आपके बैंक खाते में पहले से जमा है। यह आपका अपना खुद का पैसा होता है।
  2. क्रेडिट कार्ड: इसमें आप बैंक से उधार लेकर खर्च करते हैं। आपके खाते में पैसे हों या न हों, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इसकी एक तय सीमा होती है, जिसे 'क्रेडिट लिमिट' कहते हैं।

क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है? (How Credit Card Works in Hindi)

क्रेडिट कार्ड के काम करने के तरीके को समझना बहुत जरूरी है क्योंकि यदि आप इसे समझ गए तो आप कभी भी कर्ज के जाल में नहीं फसेंगे। यह मुख्य रूप से तीन चरणों में काम करता है-

1. क्रेडिट लिमिट (Credit Limit): जब बैंक आपको कार्ड देता है तो वह आपकी आमदनी और आपके पुराने रिकॉर्ड को देखकर एक लिमिट तय करता है। जैसे— ₹50,000, ₹1 लाख या ₹5 लाख। आप एक महीने में इस लिमिट से ज्यादा का सौदा नहीं कर सकते।

2. बिलिंग साइकिल (Billing Cycle): हर महीने की एक निश्चित तारीख को (मान लीजिए हर महीने की 10 तारीख को) बैंक आपके पूरे महीने के खर्च का एक चिट्ठा यानी 'बिल' तैयार करता है। इसमें लिखा होता है कि आपने पूरे महीने में कहाँ-कहाँ और कितने पैसे उड़ाए।

3. ग्रेस पीरियड और ड्यू डेट (Grace Period & Due Date): बिल जनरेट होने के बाद बैंक आपको पैसे चुकाने के लिए 15 से 20 दिनों का अतिरिक्त समय देता है। इसे ग्रेस पीरियड कहते हैं। बिल में एक तारीख लिखी होती है जिसे 'ड्यू डेट' (Due Date) कहते हैं। अगर आप इस तारीख से पहले पूरा बिल चुका देते हैं तो बैंक आपसे एक रुपया भी ब्याज नहीं लेता। 


क्रेडिट कार्ड से कमाई और फायदे (Benefits and Earning Angle)

लोग सोचते हैं कि क्रेडिट कार्ड सिर्फ खर्च करने के लिए होता है लेकिन समझदार लोग क्रेडिट कार्ड को अपनी कमाई का जरिया (Earning Tool) भी बना लेते हैं। जानिए कैसे?
  • कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स (Cashback & Reward Points): जब भी आप क्रेडिट कार्ड से पेट्रोल भरवाते हैं, बिजली का बिल देते हैं या ग्रोसरी खरीदते हैं, तो आपको 1% से लेकर 5% तक का सीधा कैशबैक मिलता है। अगर आप महीने में ₹30,000 खर्च करते हैं, तो सीधे तौर पर ₹1,500 तक की बचत या कमाई हो जाती है।
  • वेलकम बेनिफिट्स (Welcome Benefits): कई कार्ड्स लेते ही आपको ₹2,000 से ₹5,000 तक के शॉपिंग वाउचर्स या फ्री मूवी टिकट्स मिल जाते हैं।
  • फ्री एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस (Free Airport Lounge Access): अगर आप सफर करते हैं, तो क्रेडिट कार्ड की मदद से देश-विदेश के एयरपोर्ट पर बने आलीशान लाउंज में जाकर बिल्कुल मुफ्त में बुफे खाना, वाई-फाई और आराम की सुविधा ले सकते हैं। जिसके लिए आम लोगों को ₹2,000 तक देने पड़ते हैं।
  • नो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMI): फ्लिपकार्ट या अमेज़न से कोई बड़ा सामान (जैसे टीवी, फ्रिज या लैपटॉप) लेना हो, तो आप क्रेडिट कार्ड के जरिए उसे आसान किश्तों में बदल सकते हैं। वो भी बिना किसी अतिरिक्त ब्याज के।
  • सिबिल स्कोर का निर्माण (CIBIL Score Building): यदि आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके उसका बिल समय पर चुकाते हैं, तो आपका सिबिल स्कोर बहुत तेजी से सुधरता है। भविष्य में जब आप कार लोन या होम लोन लेने जाएंगे, तो इसी अच्छे सिबिल स्कोर के कारण आपको लाखों रुपये का लोन बहुत कम ब्याज दर पर मिल जाएगा 
ये भी जानें- ETF: शेयर मार्केट से रोज़ाना कमाई का सुरक्षित तरीका!

क्रेडिट कार्ड के नुकसान और सावधानियां (Disadvantages of Credit Card)

जहाँ क्रेडिट कार्ड के ढेरों फायदे हैं, वहीं अगर लापरवाही बरती जाए तो यह आपको कंगाल भी बना सकता है। इसलिए यदि आप क्रेडिट कार्ड ले रहे हैं तो निम्नलिखित बातों का हमेशा ध्यान रखें-
  1. भारी-भरकम ब्याज दर (High Interest Rate): अगर आपने ड्यू डेट तक बैंक का पैसा वापस नहीं किया, तो बैंक आपसे 36% से लेकर 45% सालाना तक का भारी ब्याज वसूलता है। यह दुनिया का सबसे महंगा लोन बन जाता है।
  2. मिनिमम ड्यू का चक्रव्यूह (Minimum Amount Due Trap): बिल आने पर बैंक नीचे छोटे अक्षरों में 'Minimum Due' (आमतौर पर कुल बिल का 5%) लिखने का लालच देता है। लोग सोचते हैं कि सिर्फ इतना ही पैसा देना है। लेकिन याद रखिए, जैसे ही आप मिनिमम ड्यू चुकाते हैं, बाकी बचे हुए पैसों पर बैंक तुरंत ब्याज लगाना शुरू कर देता है। इसलिए हमेशा 'Total Due' (पूरा बिल) ही चुकाएं।
  3. छिपे हुए शुल्क (Hidden Charges): कुछ कार्ड्स में सालाना फीस (Annual Fees) या जॉइनिंग फीस होती है। कार्ड लेते समय हमेशा 'Lifetime Free Credit Card' की मांग करें।
  4. एटीएम से कैश निकालने की भूल (Cash Withdrawal Penalty): कभी भी भूलकर भी क्रेडिट कार्ड को एटीएम मशीन में डालकर कैश न निकालें। इस पर कोई ग्रेस पीरियड नहीं मिलता; जिस सेकंड आप कैश निकालते हैं, उसी समय से भारी ब्याज और ट्रांजैक्शन फीस (लगभग 2.5% से 3%) लगना शुरू हो जाती है।
ये भी जानें- इंडेक्स ट्रेडिंग सिर्फ 5000 रूपये से शुरू करें!

क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए पात्रता

बैंक हर किसी को ऐरे-गैरे को क्रेडिट कार्ड नहीं थमा देता। कार्ड पाने के लिए आपको बैंक की इन शर्तों को पूरा करना होगा-

योग्यता (Eligibility)विवरण (Details)
आयु (Age)आपकी उम्र कम से कम 18 वर्ष (कुछ बैंकों में 21 वर्ष) और अधिकतम 60 वर्ष होनी चाहिए।
नागरिकता (Citizenship)आप एक भारतीय नागरिक (Indian Citizen) होने चाहिए।
रोजगार (Employment Type)आप किसी कंपनी में नौकरी करते हों (Salaried) या आपका खुद का कोई बिजनेस/दुकान हो (Self-Employed)।
न्यूनतम मासिक आय (Minimum Income)नौकरीपेशा के लिए कम से कम ₹15,000/महीना और बिजनेस वालों के लिए सालाना ITR कम से कम ₹3 लाख होना चाहिए।
क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score)आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे अधिक होना चाहिए। यदि आपने पहले कभी लोन लिया है और उसे समय पर चुकाया है, तो यह स्कोर अच्छा रहता है।

क्रेडिट कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज

अप्लाई करने से पहले इन कागजातों की सॉफ्ट कॉपी (या फोटो) अपने फोन में संभालकर रख लें-
  • पहचान का प्रमाण (Identity Proof): पैन कार्ड (PAN Card - यह सबसे जरूरी है), आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।
  • पते का प्रमाण (Address Proof): आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, या पिछले 2 महीने का बिजली/पानी का बिल।
  • आय का प्रमाण (Income Proof)
  • नौकरीपेशा के लिए: पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप (Salary Slip) और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट।
  • बिजनेस/स्व-रोजगार के लिए: पिछले साल का आईटीआर (ITR - Income Tax Return) फॉर्म और बिजनेस का बैंक स्टेटमेंट।
ये भी जानें-  ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में एक्सपर्ट बनने का रोडमैप

क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं? (Credit Card Application Process)

2026 में क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। आप इसके लिए दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं-

तरीका 1: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (Online Method - सबसे तेज)

यह सबसे बेस्ट और झंझट मुक्त तरीका है। आप घर बैठे 10 मिनट में अपने मोबाइल से अप्लाई कर सकते हैं-
  • बैंक की वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले उस बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं जिसका कार्ड आप लेना चाहते हैं (जैसे— SBI, HDFC, ICICI, Axis Bank) या आप Paisabazaar या BankBazaar जैसे प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • कार्ड का चयन करें: 'Credit Cards' वाले सेक्शन में जाएं। अपनी जरूरत के हिसाब से (शॉपिंग, ट्रैवल, या फ्यूल कार्ड) बेस्ट कार्ड चुनें और 'Apply Online' पर क्लिक करें।
  • अपनी जानकारी भरें: अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें (जो आधार से लिंक हो)। इसके बाद अपना पूरा नाम, पैन कार्ड नंबर, जन्मतिथि और अपनी मंथली सैलरी की सही-सही जानकारी भरें।
  • पात्रता की जांच (Eligibility Check): सिस्टम ऑटोमैटिक आपके पैन कार्ड के जरिए आपके सिबिल स्कोर को चेक करेगा और स्क्रीन पर दिखा देगा कि आपको कार्ड मिलेगा या नहीं।
  • वीडियो केवाईसी (Video KYC): यदि आपका आवेदन स्वीकार हो जाता है, तो बैंक का अधिकारी आपके फोन पर एक वीडियो कॉल करेगा। आपको ओरिजिनल पैन कार्ड और आधार कार्ड दिखाना होगा और एक सफेद कागज पर लाइव सिग्नेचर करने होंगे।
  • कार्ड की डिलीवरी: वीडियो केवाईसी सफल होने के 5 से 7 वर्किंग डेज के अंदर आपका ब्रांड न्यू क्रेडिट कार्ड आपके घर के पते पर डिलीवर कर दिया जाता है। 
ये भी जानें- USA में बैठकर भारतीय शेयर मार्केट से कैसे कमाएं?

तरीका 2: Credit Card के लिए ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

अगर आप ऑनलाइन फॉर्म भरने में सहज नहीं हैं तो आप इस पारंपरिक तरीके को अपना सकते हैं-
  • अपने नजदीकी बैंक की शाखा (Branch) में जाएं जहाँ आपका पहले से खाता है।
  • वहां मौजूद बैंक अधिकारी से कहें कि आपको क्रेडिट कार्ड बनवाना है।
  • वे आपको विभिन्न कार्ड्स के ब्रोशर दिखाएंगे। अपनी पसंद का कार्ड चुनकर 'Credit Card Application Form' भरें।
  • फॉर्म के साथ अपने पैन कार्ड, आधार कार्ड और सैलरी स्लिप की फोटोकॉपी अटैच करके जमा कर दें।
  • बैंक का एक कर्मचारी आपके घर या ऑफिस आकर वेरिफिकेशन करेगा और सब ठीक मिलने पर आपका कार्ड अप्रूव हो जाएगा।

बिना इनकम प्रूफ के क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं?

💡Credit Card बनवाने की बिना सैलरी स्लिप वाली सीक्रेट ट्रिक यह है कि बहुत से छात्र (Students), गृहणियां (Housewives) या छोटे दुकानदार ऐसे हैं। जिनके पास न तो कोई सैलरी स्लिप होती है और न ही कोई बड़ा आईटीआर। तो क्या उन्हें कभी क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेगा? बिल्कुल मिलेगा! इस तरीके को ध्यान से समझिए-

इसे कहते हैं FD के बदले क्रेडिट कार्ड (Credit Card Against Fixed Deposit / Secured Credit Card)।
  1. आप अपने किसी भी पसंदीदा बैंक (जैसे— ICICI, IDFC First, या SBI) में जाकर एक छोटी सी एफडी (Fixed Deposit) करवा लीजिए, मान लीजिए ₹20,000 की।
  2. बैंक बिना किसी इनकम प्रूफ, बिना किसी सैलरी स्लिप और बिना सिबिल स्कोर चेक किए आपको तुरंत उस एफडी के बदले एक क्रेडिट कार्ड दे देगा।
  3. इस कार्ड की लिमिट आपकी एफडी रकम का 80% से 90% होती है (यानी ₹20,000 की एफडी पर करीब ₹18,000 की लिमिट)।
फायदा: आपकी एफडी पर बैंक का ब्याज भी मिलता रहेगा और आपको क्रेडिट कार्ड भी मिल जाएगा। जब आप इस कार्ड को चलाकर समय पर बिल भरेंगे, तो आपका सिबिल स्कोर 6 महीने में रॉकेट की तरह ऊपर चला जाएगा। बाद में बैंक आपको खुद फोन करके बिना किसी एफडी के दूसरा बड़ा कार्ड ऑफर करेगा! 


पहली बार वालों के लिए 2026 के बेस्ट क्रेडिट कार्ड्स (Best Credit Cards for Beginners)

यदि आप जीवन में पहली बार क्रेडिट कार्ड बनवा रहे हैं, तो आपको ऐसे कार्ड्स चुनने चाहिए जिनकी सालाना फीस शून्य हो और जिनपर अप्रूवल आसानी से मिल जाए-
  1. Amazon Pay ICICI Bank Credit Card: यह पूरी तरह से लाइफटाइम फ्री कार्ड है। अगर आप अमेज़न से शॉपिंग करते हैं, तो आपको सीधे 5% का अनलिमिटेड कैशबैक मिलता है।
  2. Flipkart Axis Bank Credit Card: फ्लिपकार्ट और मिंत्रा लवर्स के लिए यह बेस्ट है, जहाँ फ्लैट 5% कैशबैक मिलता है।
  3. SBI SimplyCLICK Credit Card: ऑनलाइन शॉपिंग और शुरुआती यूज़र्स के लिए यह सबसे लोकप्रिय कार्ड्स में से एक है।
  4. IDFC First WOW Credit Card: यह एक सिक्योर कार्ड है जो बिना किसी इनकम प्रूफ के सिर्फ एफडी (FD) के आधार पर तुरंत मिल जाता है।

एक्सपर्ट टिप्स: क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय कभी न करें ये गलतियां

पाठकों के लिए हमारे वित्तीय विशेषज्ञों की तरफ से कुछ खास टिप्स, जो आपको भारी नुकसान से बचाएंगे-

30% का नियम (Credit Utilization Ratio): अगर आपके कार्ड की लिमिट ₹1,00000 है, तो कोशिश करें कि महीने में केवल ₹30,000 (30%) तक ही खर्च करें। पूरी लिमिट खत्म करने से बैंक को लगता है कि आप पैसों के लिए भूखे हैं, जिससे आपका सिबिल स्कोर नीचे गिर जाता है।

ऑटो-डेबिट ऑन रखें: भूलने की आदत से बचने के लिए अपने बैंक अकाउंट से क्रेडिट कार्ड के बिल को 'Auto-Debit' मोड पर सेट कर दें। इससे ड्यू डेट पर अपने आप पैसे कट जाएंगे और आप लेट फीस से बच जाएंगे।

इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन बंद रखें: यदि आप विदेश यात्रा नहीं करते हैं, तो अपने मोबाइल ऐप में जाकर 'International Transactions' और 'Contactless (Wi-Fi) Payment' को बंद करके रखें ताकि आपके साथ कोई ऑनलाइन फ्रॉड न हो सके। 

ये भी जानें- चाणक्य नीति पुस्तक सारांश और चाणक्य के अनमोल विचार

निष्कर्ष: क्रेडिट कार्ड एक बेहद धारदार तलवार की तरह है। अगर आप इसे सही से पकड़ेंगे तो यह आपकी वित्तीय यात्रा (Financial Journey) को आसान बना देगा। आपको हर खर्च पर कमाई करके देगा और मुसीबत के समय आपका सबसे सच्चा साथी बनेगा। लेकिन अगर आप इसके इस्तेमाल में लापरवाही बरतेंगे और बेहिसाब फिजूलखर्ची करेंगे तो आप इसके भारी ब्याज के दलदल में धंसते चले जाएंगे।

अतः हमेशा अपनी चादर देखकर पैर फैलाएं, केवल उतना ही खर्च करें जितना आप अगले महीने चुका सकें, और आज ही ऊपर बताए गए ऑनलाइन तरीके से अपना पहला क्रेडिट कार्ड बिना किसी डर के अप्लाई करें!

 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - लोगों ने यह भी पूछा

प्रश्न 1: क्या क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक में खाता होना जरूरी है? 

उत्तर: बिल्कुल नहीं! आप किसी भी बैंक का क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं, भले ही आपका उस बैंक में कोई सेविंग अकाउंट या खाता न हो।

प्रश्न 2: क्या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर कोई छुपा हुआ चार्ज (Hidden Charge) लगता है?

उत्तर: यदि आप अपना पूरा बिल ड्यू डेट से पहले चुका देते हैं, तो कोई अतिरिक्त चार्ज या ब्याज नहीं लगता। बस कार्ड लेते समय सुनिश्चित करें कि उसकी जॉइनिंग या सालाना फीस (Annual Fee) क्या है।

प्रश्न 3: क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने के कितने दिन बाद घर आता है? 

उत्तर: ऑनलाइन एप्लीकेशन और वीडियो केवाईसी (Video KYC) पूरा होने के बाद आमतौर पर 5 से 7 वर्किंग डेज के भीतर कार्ड आपके रजिस्टर्ड पते पर स्पीड पोस्ट या कूरियर के जरिए आ जाता है।

प्रश्न 4: खराब सिबिल स्कोर (Bad CIBIL) होने पर क्रेडिट कार्ड कैसे मिलेगा? 

उत्तर: अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है, तो सबसे अच्छा तरीका है कि आप किसी भी बैंक में जाकर Fixed Deposit (FD) के बदले एक 'Secured Credit Card' ले लें। इससे आपका सिबिल स्कोर भी धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा।

प्रश्न 5: क्या क्रेडिट कार्ड से बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं? 

उत्तर: हां, कर सकते हैं, लेकिन सीधे ट्रांसफर करने पर बैंक भारी चार्ज वसूलते हैं। इसके लिए कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता है, परंतु हमारी सलाह यही होगी कि इमरजेंसी न होने पर ऐसा करने से बचें।