चार्ट के प्रकार(Types of Charts)
यूँ तो चार्ट कई प्रकार के होते हैं परन्तु Stock market में ज्यादातर तीन तरह के stock charts का प्रयोग किया है।- Line stock Chart
- Bar stock Chart
- Candlestick stock Chart
Line Stock Chart
लाइन चार्ट बहुत ही बेसिक और साधारण stock charts होते हैं। जिनका उपयोग स्टॉक के टेक्निकल एनालिसिस में किया जाता है। लाइन चार्ट किसी भी शेयर के क्लोजिंग (बंद होने ) प्राइस को continuous line के द्वारा दर्शाता है। उपर्युक्त इमेज में लाइन चार्ट का चित्र दिया गया है। लाइन चार्ट के द्वारा आप किसी भी शेयर की कम समय से लेकर लम्बे समय तक की प्राइस मूवमेंट को देख सकते है।
इसके द्वारा आप किसी भी stock price trend पता कर सकते हैं तथा support & resistance पता कर सकते हैं। चार्ट के द्वारा आप ये भी जान सकते हैं कि कौन सा शेयर कब split हुआ? किस शेयर ने कब dividend दिया? साथ ही इससे आप हिस्टोरिक ट्रेडिंग वॉल्यूम भी जान सकते हैं। किसी भी शेयर की और भी बहुत सी जानकारी आप line chart के प्राप्त कर सकते हैं।Bar stock Charts
बार चार्ट किसी भी शेयर के open, high, low तथा close प्राइस को दर्शाता है। प्राइस बार में जो वर्टीकल लाइन्स होती हैं। वह किसी टाइम पीरियड के low तथा high प्राइस को दर्शाती हैं। बार चार्ट में जो होरिजेंटल लाइन्स होती हैं, वह शेयर के ओपनिंग और क्लोजिंग प्राइस को दर्शाती हैं।Candlestick stock Charts
Candlestick stock chart में प्रत्येक कैंडल stocks का उस दिन का हाई और लो प्राइस, ओपनिंग तथा क्लोजिंग प्राइस को दर्शाता है। यदि शेयर के बंद होने का प्राइस शेयर के खुलने के प्राइस से ऊपर है तो ग्रीन या वाइट कैंडल बनायीं जाएगी। यदि शेयर के बंद होने का प्राइस शेयर के खुलने के प्राइस के नीचे है। तो कैंडलस्टिक ब्लैक या रैड बनायीं जाएगी।
कैंडलस्टिक के खाली या भरे सेक्सन को Real Body कहते हैं। Real Body के ऊपर और नीचे जो पतली लाइन होती है उसे shadow (शैडो) कहते हैं। ऊपर वाली शैडो शेयर के हाई प्राइस को दर्शाता है तथा बॉटम का नीचे वाला शैडो शेयर के law प्राइस को दर्शाता है।
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लम्बी रियल बॉडी स्ट्रांग बाइंग तथा सेलिंग को दर्शाती है। जबकि छोटी real body कम मात्रा में (weakness of trend) बाइंग और सेलिंग रुझान को दर्शाती है। कुछ technical analysts का ये विश्वास होता है कि long shadow के बाद ट्रेंड रिवर्स होता है तथा शार्ट शैडो के बाद प्राइस rise होगें। ट
यदि कैंडलस्टिक की निचली शैडो लम्बी होती है तथा ऊपरी शैडो छोटी होती है तो इसका मतलब सेशन की शुरुआत में सेलर हावी रहेंगे और प्राइस को नीचे गिरा देंगे लेकिन सेशन के लास्ट में खरीददार वापसी करेंगे तथा प्राइस को वापस ओपन प्राइस के आस-पास कर देंगे।
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बहुत से ट्रेडर इसे candlestick stock chart को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह समझने में बहुत ही आसान है। यदि शेयर का प्राइस गिर कर बंद होता है तो कैंडलस्टिक ज्यादातर काले या लाल रंग की होती है। यदि शेयर का प्राइस चढ़ कर बंद होता है तो कैंडलस्टिक सफेद या हरे रंग की होती है।
आशा है कि इस आर्टिकल से आपको चार्ट के बारे में काफी जानकारी मिली होगी Stock market में ज्यादातर कैंडलस्टिक चार्ट का ही उपयोग किया जाता है।
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2 टिप्पणियाँ
Nice
जवाब देंहटाएंब्लॉग को पसंद करने के लिए धन्यवाद.
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