Stock Market News and Stocks Today (06 june 2026): क्या भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आने वाली है? जानें RBI की नई रेपो रेट पॉलिसी, ओयो (OYO) IPO को मिली SEBI की मंजूरी, विप्रो (Wipro) और हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) के शेयरों का ताजा हाल, और टॉप 10 हॉट स्टॉक्स की पूरी लिस्ट। जानते हैं- स्टॉक मार्केट की टॉप 10 बड़ी खबरें और स्टॉक्स
                                                                                  
Stock Market Top 10 News Today in Hindi
शेयर मार्केट में गिरावट लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर होती है। लेकिन शॉर्ट टर्म में सतर्क रहना जरूरी होता है।

स्टॉक मार्केट की 10 बड़ी खबरें और शेयर (Stock Market Top 10 News, Hot Stocks and IPO Update Today)

क्या आपका पैसा भी शेयर बाजार में फंसा है? RBI के फैसले और SEBI की नई लिस्टिंग के बाद अब आगे क्या होगा, समझें सीधे शब्दों में!

अगर आपने भी पिछले कुछ दिनों में शेयर बाजार (Share Market) की हलचल देखकर अपने पोर्टफोलियो को चेक करना बंद कर दिया है, तो आप अकेले नहीं हैं। हर आम निवेशक इस समय एक ही उलझन में है—क्या मार्केट यहां से और गिरेगा या फिर यह खरीदारी का सही मौका है? 5 जून को समाप्त हुए कारोबारी सत्र में रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी (MPC Meeting) का ऐलान किया, जिसने बाजार को एक नई दिशा दी है। इसके तुरंत बाद, 6 जून 2026 की सुबह निवेशकों के लिए कई बड़े सरप्राइज लेकर आई है, जिसमें देश के सबसे बड़े स्टार्टअप्स में से एक ओयो (OYO IPO) को SEBI से हरी झंडी मिलना भी शामिल है। अगर आप बिना किसी तकनीकी उलझन के आज की 10 सबसे बड़ी खबरों और हॉट स्टॉक्स (Hot Stocks) का पूरा गणित समझना चाहते हैं, तो यह विस्तृत रिपोर्ट सिर्फ आपके लिए है।

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1. RBI Policy Update: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, पर निवेशकों में क्यों है मुनाफावसूली?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लगातार अपनी उदार नीति को जारी रखते हुए रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। हालांकि बाजार को इसकी उम्मीद थी और घोषणा के तुरंत बाद सेंसेक्स और बैंक निफ्टी ने छलांग लगाई, लेकिन दोपहर होते-होते बाजार में भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आरबीआई द्वारा महंगाई और आर्थिक विकास दर (Growth Forecast) को लेकर अपनाए गए संतुलित रुख के कारण निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर अपनी पोजीशन हल्की करना बेहतर समझा।

2. ग्लोबल रैंकिंग में झटका: भारत 5वें से फिसलकर 7वें स्थान पर, ताइवान और दक्षिण कोरिया निकले आगे

भारतीय शेयर बाजार के लिए एक थोड़ी चिंताजनक खबर आ रही है। वैश्विक स्तर पर मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) के मामले में भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाजार था, लेकिन जून 2026 की शुरुआत में भारत फिसलकर 7वें स्थान पर आ गया है। ताइवान ($5.15 ट्रिलियन) और दक्षिण कोरिया ($5.04 ट्रिलियन) ने भारत ($4.84 ट्रिलियन) को पीछे छोड़ दिया है। इसका सबसे बड़ा कारण वैश्विक फंड्स का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर (Semiconductor) कंपनियों की तरफ जाना है, जो इन दोनों देशों में बहुतायत में हैं।


3. FIIs की लगातार बिकवाली: 2026 में अब तक निकाल चुके हैं $26.4 बिलियन

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) की ओर से भारतीय बाजारों में बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने करीब 26.4 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम रकम भारतीय शेयर बाजार से निकाल ली है। टेक और आईटी सेक्टर में सुस्ती और अमेरिकी मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के कारण विदेशी फंड्स भारतीय इक्विटी से पैसा निकालकर अन्य इमर्जिंग मार्केट्स या तकनीकी रूप से उन्नत देशों में शिफ्ट कर रहे हैं।

4. Wipro Share Crash: ₹15,000 करोड़ के बायबैक रिकॉर्ड डेट के बाद 4% की भारी गिरावट

विप्रो लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखी गई और यह निफ्टी 50 का टॉप लूजर बनकर उभरा। कंपनी के ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) की रिकॉर्ड डेट जैसे ही नजदीक आई, उन आर्बिट्रेजर्स और शॉर्ट-टर्म इनवेस्टर्स ने प्रॉफिट बुक करना शुरू कर दिया जिन्होंने सिर्फ बायबैक का फायदा उठाने के लिए शेयर खरीदे थे। स्टॉक करीब 4% टूटकर ₹196 के स्तर के आसपास आ गया है।

5. Hindustan Zinc पर गहराया संकट: सरकारी हिस्सेदारी बिक्री की खबर से शेयर 5% टूटा

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc) के शेयरों में लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार कंपनी में करीब ₹5,000 करोड़ मूल्य की अपनी हिस्सेदारी बेचने (Disinvestment) पर विचार कर रही है। इस ताजा विनिवेश की खबर से बाजार में सप्लाई बढ़ने का डर पैदा हो गया, जिसके चलते निवेशकों ने शेयर में बिकवाली तेज कर दी और यह इंट्राडे में 5% से ज्यादा टूट गया।

6. SEBI की बड़ी कार्रवाई: राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) पर 3 साल का बैन, लगा लोअर सर्किट

कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रेवेन्यू में गड़बड़ी को लेकर SEBI ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में लगातार दूसरा लोअर सर्किट लगा और यह ₹98.73 पर लॉक हो गया। SEBI ने वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच करीब ₹15.15 लाख करोड़ के टर्नओवर में हेरफेर और गलत जानकारी देने के आरोप में कंपनी के सीएमडी राजेश मेहता को 3 साल के लिए बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है।

7. बैंकिंग सेक्टर को मिला बूस्टर: RBI के नए नियमों से सरकारी बैंकों में चमक

भले ही निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए हों, लेकिन बैंकिंग शेयरों (खासकर सरकारी बैंकों) में अच्छी रौनक रही। आरबीआई ने विदेशी मुद्रा प्रवाह (Foreign Capital Inflow) को बढ़ाने और भारतीय रुपये को मजबूती देने के लिए एनआरआई (NRI) डिपॉजिट और रियायती फॉरेक्स स्वैप सुविधाओं का ऐलान किया है। इसके बाद केनरा बैंक, पीएनबी (PNB) और यस बैंक (Yes Bank) के शेयरों में 2% तक की तेजी देखी गई और बैंक निफ्टी 54,732 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।

8. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल: $95 के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

वैश्विक मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) एक बार फिर बढ़ रहा है। अमेरिका-इरान शांति वार्ताओं में स्पष्टता न होने और मध्य पूर्व (Middle East) में हिजबुल्लाह व इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव $95.39 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं, जिससे आने वाले समय में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।


9. IT और मेटल सेक्टर्स में कमजोरी: निफ्टी आईटी इंडेक्स इस साल 19% डाउन

6 जून को वीकेंड की शुरुआत से ठीक पहले सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें, तो आईटी (IT) और मेटल (Metal) सेक्टर्स ने बाजार को सबसे ज्यादा नीचे खींचने का काम किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 1% की गिरावट रही। साल 2026 में अब तक निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 19% टूट चुका है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी कंपनियों द्वारा तकनीकी खर्च (Tech Spending) में की जा रही कटौती है।

10. Retail Investors का म्यूचुअल फंड्स पर भरोसा कायम: Zerodha ने लॉन्च किए 3 नए फंड्स

बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू निवेशकों (DIIs और Retail Investors) का भरोसा डगमगाया नहीं है। जेरोधा म्यूचुअल फंड (Zerodha Mutual Fund) ने इस हफ्ते बाजार में तीन नए फंड्स लॉन्च किए हैं—Zerodha Arbitrage Fund, Zerodha Life Cycle Fund 2036, और Zerodha Life Cycle Fund 2041। यह दिखाता है कि मार्केट में गिरावट के बावजूद डोमेस्टिक लिक्विडिटी मजबूत बनी हुई है।

Top Hot Stocks To Watch Monday: इन शेयरों पर रखें नजर

अगर आप आज सोमवार के लिए जब मार्केट ओपन होगा। अपनी वॉचलिस्ट (Watchlist for Today) तैयार कर रहे हैं तो निम्नलिखित 10 शेयरों पर पैनी नजर रखें। इनमें कॉर्पोरेट एक्शन, टेक्निकल ब्रेकआउट और इवेंट-बेस्ड मोमेंटम साफ दिखाई दे रहा है-

स्टॉक का नाम (Stock Name)मौजूदा भाव (CMP)मुख्य कारण (Reason for News)ट्रेंड / आउटलुक (Outlook)
Wipro Ltd.₹196.20बायबैक रिकॉर्ड डेट के बाद मुनाफावसूली₹186-188 पर मजबूत सपोर्ट
Titan Company₹4,250.30ब्रोकरेज फर्म्स द्वारा ₹5,200 का टारगेटलॉन्ग-टर्म के लिए बुलिश
ACME Solar Holdings₹248.50QIP के जरिए ₹2,800 करोड़ जुटाएरिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ग्रोथ
Hindustan Zinc₹512.00₹5,000 करोड़ के सरकारी स्टेक सेल की खबरशॉर्ट-टर्म में मंदी का दबाव
Adani Enterprises₹3,048.20भारी वॉल्यूम के साथ 2.54% की तेजीपॉजिटिव मोमेंटम

हॉट स्टॉक्स का इन-डेप्थ एनालिसिस:
  • Titan Company: टाइटन ने हाल ही में आयोजित अपने एनालिस्ट मीट में वित्तीय वर्ष 2030 तक अपनी ज्वेलरी रेवेन्यू को दोगुना करने और 1,400 से अधिक नए स्टोर्स खोलने का विजन (20% CAGR) साझा किया है। मोतीलाल ओसवाल ने इस पर 'BUY' रेटिंग देते हुए ₹5,200 का लक्ष्य रखा है।
  • ACME Solar: कंपनी ने सफल क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹2,800 करोड़ जुटाए हैं। इस फंड का उपयोग कंपनी अपने कर्ज को कम करने और रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) के प्रोजेक्ट्स को बढ़ाने में करेगी। इसमें एसबीआई एमएफ और ब्लैकरॉक जैसे दिग्गजों ने निवेश किया है।

IPO Market Update: ओयो (OYO) समेत 5 बड़े आईपीओ को मिली SEBI की मंजूरी

प्राइमरी मार्केट यानी आईपीओ मार्केट (IPO Market India) के लिए 5 जून की शाम और 6 जून की सुबह बेहद धमाकेदार रही है। लंबे समय से इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए आखिरकार बड़ी खुशखबरी आ चुकी है।

Headline IPO News: ओयो (OYO IPO) का रास्ता साफ! मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने ओयो होटल्स एंड होम्स की पैरेंट कंपनी ओरवेल स्टेज लिमिटेड (Oravel Stays) के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने साल 2021 में पहली बार ड्राफ्ट (DRHP) दाखिल किया था, लेकिन तब $9-10 बिलियन की भारी-भरकम वैल्यूएशन और जटिल फाइनेंशियल्स के कारण इसे मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
  1. संशोधित आईपीओ साइज: अब ओयो करीब ₹5,957 करोड़ का आईपीओ लेकर आ रही है। इसमें ₹1,457 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹4,500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा।
  2. टारगेट वैल्यूएशन: इस बार कंपनी ने अपनी वैल्यूएशन को काफी रियलिस्टिक रखते हुए $3 से $4 बिलियन के बीच लक्षित किया है।
  3. वित्तीय सुधार: वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹5,604 करोड़ रहा और पहली बार कंपनी ने ₹801 करोड़ का पॉजिटिव एबिटडा (EBITDA) दर्ज किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यह आईपीओ जुलाई या अगस्त 2026 में खुलने की उम्मीद है।
चालू और आगामी आईपीओ की लिस्ट (Current & Upcoming IPOs June 2026)। अगर आप इस हफ्ते किसी आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो निम्नलिखित कंपनियों पर नजर रखें-
  • Hexagon Nutrition IPO (मेनबोर्ड): यह आईपीओ 5 जून को खुला है और 9 जून 2026 तक खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड ₹42 से ₹45 तय किया गया है। पहले ही दिन यह आईपीओ पूरी तरह (Fully Subscribed) भर चुका है।
  • GenXAI Analytics IPO (SME): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स से जुड़ी इस एसएमई कंपनी का आईपीओ 5 जून से 9 जून तक खुला है। इसका प्राइस बैंड ₹110 से ₹116 है।
  • CMR Green Technologies: इस मेनबोर्ड आईपीओ का सब्सक्रिप्शन 5 जून को बंद हो चुका है और इसका प्राइस बैंड ₹182-192 था। इसकी लिस्टिंग 10 जून 2026 को होने की उम्मीद है।

इस वोलेटाइल Stock market में इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स क्या करें?

बाजार के इस मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है। 

"घरेलू बाजार में आरबीआई का फैसला उम्मीद के मुताबिक ही रहा है, लेकिन वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में तेजी और आईटी सेक्टर में सुस्ती के कारण ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली होना स्वाभाविक था। निवेशकों को इस समय किसी भी एक सेक्टर में आक्रामक होकर पूरा पैसा लगाने से बचना चाहिए।"

इन्वेस्टर्स के लिए Smart Investing Tips:
  1. AI और टेक सेक्टर्स पर नजर: भारत भले ही अभी ग्लोबल रैंकिंग में 7वें स्थान पर आ गया है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत है। डेटा सेंटर, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों को अपने पोर्टफोलियो में धीरे-धीरे शामिल करें (SIP Mode)।
  2. पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) से दूरी: राजेश एक्सपोर्ट्स जैसी बड़ी कंपनियों में आई गड़बड़ी यह सिखाती है कि बिना पूरी रिसर्च और कॉर्पोरेट गवर्नेंस की जांच किए किसी भी 'सस्ते' दिखने वाले शेयर में आंख मूंदकर पैसा न लगाएं।
  3. IPO में सोच-समझकर करें निवेश: ओयो और हेक्सागन न्यूट्रिशन जैसे आईपीओ बाजार में आ रहे हैं। एसएमई आईपीओ में जहां बंपर लिस्टिंग गेन की संभावना होती है, वहीं जोखिम भी उतना ही ज्यादा होता है। इसलिए कंपनी के फाइनेंशियल्स और एबिटडा (EBITDA) को देखकर ही दांव लगाएं।

निष्कर्ष: 6 जून 2026 को शेयर बाजार का सेंटिमेंट थोड़ा सतर्क (Cautious) नजर आ रहा है। एक तरफ जहां आरबीआई की पॉलिसी ने डोमेस्टिक लिक्विडिटी और बैंकों को राहत दी है, वहीं ग्लोबल मार्केट में भारत की रैंकिंग का फिसलना और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें थोड़े समय के लिए बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती हैं। 

ओयो (OYO IPO) जैसी बड़ी कंपनियों का बाजार में आना यह साबित करता है कि भारतीय प्राइमरी मार्केट में अभी भी दम बाकी है। एक समझदार निवेशक के तौर पर इस गिरावट से डरने के बजाय अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक्स को निचले स्तरों पर धीरे-धीरे संचय (Accumulate) करने का यह एक बेहतरीन मौका हो सकता है।

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